सीपीआईएम जिला कमेटी गोण्डा सचिव मंडल का वक्तव्य
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अशफाक आलम गौरा चौकी
गोंडा – भारत की कम्युनिस्ट पार्टी(मार्क्सवादी) के ज़िला कमेटी सचिव मंडल ने नजूल भूमि के संबंध में दिनांक 7, मार्च 2024 को राज्यपाल द्वारा जारी राज्य सरकार के अध्यादेश की आलोचना की है तथा इसे एक गैरकानूनी तथा जनविरोधी आदेश कहा है। जिला सचिव कॉमरेड कौशलेंद्र ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में शहरी और नगर पंचायत क्षेत्रों में सरकार की जमीनें है जिन्हें नजूल की भूमि कहते हैं। इनके बड़े भाग पर बहुत सारे मकान बने हैं। इनमें ज्यादातर आर्थिक रूप से गरीब मध्यम वर्ग के मकान है। उन्हें पहले पट्टे पर दिया गया था। इनमें अधिकांश भवन स्वामियों ने पूर्व सरकार के फ्रीहोल्ड करने की घोषणा के आधार पर आवश्यक शुल्क जमा कर उन्हें फ्रीहोल्ड करने का आवेदन कर रखा है। इस अध्यादेश के बाद अब कोई भी नजूल भूमि के पट्टे न तो नवीनीकृत किए जायेंगे और न उन पर बनें मकानो का विनियमितिकरण किया जायेगा।
इस अध्यादेश से गोंडा बलरामपुर सहित सभी शहरों के हजारों मकान ध्वस्तीकरण की जद में आ जायेंगे। कॉमरेड कौशलेंद्र ने ये भी कहा कि उ.प्र.सरकार को बिना वैकल्पिक प्रबंध किए ऐसे आदेश पर अमल नहीं करना चाहिए। जिन लोगो के प्रार्थना पत्र फ्रीहोल्ड के लिए पहले से ही पड़े हैं, उन्हें विचार के लिए आगे बढ़ाना चाहिए।
सीपीआईएम जिला कमेटी सचिव मंडल ने कहा है कि एक तरफ राज्य की भाजपा सरकार कॉर्पोरेट के लिए जमीन निशुल्क देने की व्यवस्था कर रही है तो दूसरी तरफ गरीब मध्यम वर्ग के लोगों को नजूल भूमि से बेदखल कर आवास विहीन करना चाहती है।
पार्टी के जिला सचिव कॉमरेड कौशलेंद्र पांडेय ने सरकार से ऐसे मनमाने और जन विरोधी अध्यादेश को वापस लेने की मांग की है।
