सड़क से लेकर खेत तक छुट्टा पशुओं का आतंक, नष्ट कर रहे फसल
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सुशील कुमार द्विवेदी
इटियाथोक, गोण्डा। स्थानीय ब्लाक क्षेत्र मे आवारा पशुओ की हर तरफ भरमार है। यह दिनरात कीमती फसलो को चौपट कर रहे है और किसान परेशान है। स्थानीय ब्लाक मे कुल 85 ग्राम पंचायते है। भारी भरकम सरकारी रकम व्यय कर भले ही अनेक जगह गोआश्रय स्थलों की स्थापना की गई है, किन्तु हर गाँव मे आवारा गोवंशो की भरमार है। यह जानवर लहलहाती फसलों को बर्बाद करते है और किसानों की कोई सुनने वाला नहीं है। गांवों में बड़ी तादाद में आवारा पशुओं की संख्या में इजाफा होने से किसानों की फसलों को नुकसान हो रहा है जिससे किसानों में रोष व्याप्त है। आवारा पशुओं को खेतों में घुसने से रोकने के लिए किसानों को दिन-रात पहरा देना पड़ रहा है। दिन व रात्रि के समय भारी संख्या में पशुओं का झुंड खेतों में पहुँचता है। ये जानवर जिस भी खेत में घुस जाते है वहां खड़ी फसल को खाकर व रोंदकर नष्ट कर देते है। किसान लाठी डंडे लेकर आवारा पशुओं को खदेड़ते है किन्तु कुछ घंटो बाद वह घूमकर फिर खेतो मे आ जाते है। ढोंगही पुरेमहा गाँव के अग्रणी किसान शुक्ला प्रसाद शुक्ला ने कहा की ब्लाक क्षेत्र मे बनाये गए गोआश्रय स्थल सिर्फ नाम के है, हर गाँव मे आवारा जानवरों से लोग परेशान है।
अयाह गाँव के रघुनाथ मिश्रा व बिहारी तिवारी ने कहा की आवारा पशुओ के चलते खेती बर्बाद हो रही है, रात मे जागकर फ़सल रखवाली करना पड़ रहा है।
वेदपुर माफ़ी गाँव के कृष्णमोहन शुक्ला व भोला नाथ ने कहा की हर तरफ आवारा जानवरों की भरमार है, खेती करना और उसे बचा पाना अब काफी मुश्किल हो गया है। विशुनपुर माफ़ी गाँव के उमेश मिश्रा व गोविन्द मौर्या ने कहा की मेरे यहाँ गौशाला बनी है, जिसमे अव्यवस्था व्याप्त है। यहाँ इधर उधर मौजूद आवारा जानवर दिन रात फसलों को बर्बाद करते है।
