श्रमिकों के शोषण को लेकर उपश्रमायुक्त पर लगाये गंभीर आरोप
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गोण्डा – चीनी मिलों में श्रमिकों के साथ अन्याय और शोषण का आरोप लगाते हुए इन्दिरा युवा वाहिनी के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र सिंह ने उप श्रमायुक्त को पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। भेजे गए पत्र में शैलेन्द्र सिंह ने कहा है कि संज्ञान में आया है कि आपके क्षेत्र अन्तर्गत चीनी मिलों बभनान दतौली एवं मैजापुर तथा बजाज चीनी मिल कुंदुरखी व डिस्टलरियों में कार्यरत कर्मचारियों के साथ अत्यधिक अन्याय एवं आर्थिक शोषण किया जा रहा है। आपके समक्ष मजदूर संगठनों एवं कारखानों में पंजीकृत मजदूर यूनियनों ने अपनी मांगो को लेकर अनेको बार अनुरोध किया परन्तु अभी तक उनकी एक भी मांग पूरी नहीं की गयी । मिल परिसर एवं विभिन्न गन्ना तौल केन्द्रो पर कार्यरत कामगारों को शुगर बेसबोर्ड से आच्छादित करते हुये उनके देय वेतन की दरो का निर्धारण किया है तथा समय-समय पर नियमानुसार महंगाई भत्ते का भुगतान भी आपके माध्यम से सुनिश्चित कराने का निर्देश शासन द्वारा दिया गया है परंतु आपकी उदासीनता के कारण प्रत्येक वर्ष करोड़ों रूपये मजदूरी का भुगतान न करके मिल प्रबन्ध अपनी मनमानी कर रहा है। आप अवगत हैं कि कारखानों में कार्यरत समस्त कर्मियों अधिकारियों को न्यूनतम माह का बोनस 30 जवम्बर 2023 तक हो जाना चाहिए परन्तु अभी तक बोनस का भुगतान न होना मिल प्रबन्धन की मनमानी एवं आपकी उदासीनता को परिलक्षित करता है। ज्ञातव्य हो कि श्रम विभाग की स्थापना का मुख्य उददेश्य ही उत्पादन के साथ-साथ कामगारों का आर्थिक शारीरिक एवं मानसिक सवंर्धन करना है न कि कमजोर वर्ग के शोषण का मूक दर्शक बने रहना है।अतः उपरोक्त विन्दुओं के दृष्टिगत आपके क्षेत्र में स्थापित एवं व्यवसायरत मिलों एवं डिस्टलरियों में कितने कामगार नियमित, दैनिक, संविदा, सीजनल, कैजुअल एवं बदली श्रमिक के रूप में कार्यरत हैं और उनके सापेक्ष कितने रूपये का भुगतान मजदूरी वेतन और कितने मजदूरों को बोनस का भुगतान किया गया है उक्त विन्दुओं के सम्बन्ध में प्रत्येक कामगारों की संख्या के सापेक्ष भुगतान की गयी धनराशि का विवरण उपलब्ध कराते हुये विभाग के उद्देश्यों के क्रम में कार्यरत कामगारों को आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने व सूचित करने की मांग की है।
