खनन माफियाओं में अब नहीं रहा प्रशासनिक डर, उपजिलाधिकारी भारत भार्गव के सामने भिड़े शिकायत कर्ता और खनन माफिया
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गोण्डा ( युगनव टाइम्स लाइव) थाना नवाबगंज के लोलपुर गांव में अवैध बालू खनन की जांच करने पंहुचे उपजिलाधिकारी के सामने ही शिकायत कर्ता और खनन माफिया पक्ष आपस में भिड़ गये। दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई ।उपजिलाधिकारी भारत भार्गव तमाशा बिन बने रहे। उपजिलाधिकारी ने इस मामले में दोनो पक्षों पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
बीते सोमवार को थाना क्षेत्र के लोलपुर गांव के प्रधान पुत्र गौरव सिंह ने उप जिलाधिकारी तरबगंज को प्रार्थना-पत्र देकर गांव में हो रहे अवैध मिट्टी खनन पर रोक लगाने की मांग की थी। प्रधान पुत्र का कहना है कि गांव सरयू नदी की कटान पर स्थित है। लोलपुर का राजस्व गांव सरायनामू विगत वर्षों में अवैध खनन के कारण सरयू नदी में समा चुका है। ऐसे में यदि गांव में हो रहा अवैध मिट्टी खनन बंद नहीं हुआ तो लोलपुर गांव का आस्तित्व भी खतरे में पड़ जायेगा। शिकायत का संज्ञान लेते हुए बुधवार को उपजिलाधिकारी तरबगंज भारत भार्गव राजस्व टीम के साथ जांच के लिए गांव में खनन वाली जगह पर पंहुचे। जहां शिकायत से तिलमिलाये खनन माफिया राज बहादुर सिंह, शुभम सिंह, शिवम सिंह और शिकायत कर्ता आपस में भिड़ गये। इस दौरान दोनों पक्षों में जमकर अपशब्दों का प्रयोग और हाथापाई भी हुई। उपजिलाधिकारी ने कहा कि मामले की जांच वह स्वयं कर रहे हैं और अवैध रूप से खनन करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा फिलहाल दोनो पक्षों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए गए हैं।वहीं इन अवैध खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हैं कि लगभग एक वर्ष पूर्व भी प्रधान पुत्र द्वारा अवैध खनन की शिकायत की गई थी जिसके बाद भी इन्ही खनन माफियाओं ने प्रधान पुत्र की जमकर पिटाई की थी। इस घटना में गोली भी चली थी लेकिन स्थानीय पुलिस ने घटना को दबाने के लिए काफी लीपापोती की थी।शिकायत कर्ता गौरव सिंह ने बताया कि स्थानीय पुलिस की कार्यशैली अवैध खनन के मामले में संदिग्ध है और अब वह मुख्यमंत्री से इस प्रकरण की शिकायत करेंगे।
