हठीले शाह गाजी की दरगाह में गूंजीं शहनाइयां, जायरीनों ने मांगी मुरादें, जुआरियों की रही चांदी
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हठीले शाह गाजी की दरगाह में गूंजीं शहनाइयां, जायरीनों ने मांगी मुरादें, जुआरियों की रही चांदी
मेले में जुआरियों ने खेला जुआ , जायरीनों का सामान हुआ गायब पुलिस का चेहरा हुआ धुआं धुआं

जटाशंकर सिंह
वजीरगंज ( गोंडा) युगनव टाइम्स लाइव / रौजा अशोकपुर मे स्थिति सैय्यद सालार रज्जब अली हटीला शाह गाजी की दरगाह पर आज ज्येष्ठ माह के प्रथम रविवार को पहली चौथी पर जायरीनों का सैलाब उमड़ पड़ा। देश के कई प्रांतों व पड़ोसी मुल्क नेपाल से हजारों जायरीन ने दरगाह पहुंच कर निशान व चादर चढ़ाकर मुरादें मांगीं। 200 से अधिक बारातें भी दरगाह पहुंचीं। ढोल-मजीरों के धुनों पर नाचते-गाते लोग बारात के साथ मजार-ए-शरीफ पहुंचे और दहेज का सामान चढ़ाया।
दरगाह स्थित खादिमों ने शनिवार देर रात्रि गुलाब जल, चंदन और केवड़े के साथ 111 घड़े पानी से गाजी के आस्ताने को नहलाया। मजार-ए-शरीफ को फूलों से दूल्हे की तरह सजाया गया। सर पर सेहरा भी रखा गया। समिति ने मजार-ए-शरीफ पर पहली चादर चढ़ाई। देर रात यहां का मुख्य दरवाजा बारातों के लिए खोल दिया गया। रविवार भोर में 4 बजे से ही दरगाह पर जियारत करने का सिलसिला शुरू हुआ था। हजारों जायरीन दरगाह पर मत्था टेकने के लिए पहुंच गए और गागर व चादर चढ़ाई।
दरगाह समिति के सुलेमान शाह ने बताया कि देर रात्रि से बारातों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नेपाल, बांग्लादेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिले जैसे बस्ती, सुल्तानपुर, अंबेडकरनगर,आजमगढ़, अयोध्या बाराबंकी, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर,अमेठी, हरदोई, सीतापुर, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर,बहराइच रायबरेली व बरेली से 200 से अधिक बारातें पहुंचीं। जायरीनों ने अपनी बारात के साथ लाए गए दहेज का सामान पलंग, पीढ़ी, फल, फूल, मेवा, गहना व कपड़ा आदि मजार पर चढ़ाया
कंदूरी नामक पकवान से महका मेला परिसर जायरीनो ने उठाया लुत्फ
सैयद गाजी की दरगाह पर जेठ मेले की पहली चौथी पर एक विशेष प्रकार का व्यंजन बनाया जाता है। इसे कंदूरी कहते हैं। मेला परिसर में दरगाह समिति के कई पंडाल भी लगाए गये। शर्बत व विशेष पकवान बनवाया गया। इसके बाद जायरीनों में तकसीम किया गया।
जेबकतरों व जुआरियों की रही चांदी
दरगाह मेले में जेबकतरों व जुआरियों ने खूब मजा किया। करीब आधा दर्जन लोगों की जेबें, जेबकतरों ने खाली कर दी, वहीं चैन स्नैचिंग की भी कई वारदातें हुईं। कई महिलाओं के गहने भी पलक झपकते गायब हो गये। गोरखपुर की रामावती, बस्ती की नीलम, अम्बेडकर नगर की सुनीता, बाराबंकी की रेशमा आदि के गहने व रुपये गायब हो गये। ये सब कुछ दरगाह शरीफ के अंदर हुआ। वहीं मेला परिसर में कई जगह लोग जुआ खेलते दिखाई दिए और पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
मेले में जुआरियों ने खेला जुआ , जायरीनों का सामान हुआ गायब पुलिस का चेहरा हुआ धुआं धुआं
जायरीनों की सुरक्षा के लिए वजीरगंज थाने के साथ ही तरबगंज सर्किल , डुमरियाडीह चौकी पुलिस, महिला पुलिस व होमगार्डों की ड्यूटी लगाई गई थी, किन्तु होमगार्डों को छोड़कर पुलिस कर्मी मेला परिसर में यदा-कदा ही दिखाई दिए। दारोगा जी के साथ ही सिपाही भी वहां बनाई गयी अस्थाई चौकी में आराम करती रही। जिससे जायरीनो का काफी सामान चोरी हो गया और चोर मौज काटते रहे ।
