पारस पत्थर तो लोहे को सोना बनाता है , किंतु शिक्षक पारस पत्थर बनाता है – स्वामी चिन्मयानंद
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पारस पत्थर तो लोहे को सोना बनाता है , किंतु शिक्षक पारस पत्थर बनाता है – स्वामी चिन्मयानंद

नवाबगंज गोण्डा ( युगनव टाइम्स लाइव ) क्षेत्र के कटरा कुटी पीठ पर ब्रह्मलीन संत पूज्य सत्यनारायण दास महाराज के पावन स्मृति दिवस पर सेवानिवृत्त शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ! समारोह का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर महंत स्वामी चिन्मयानंद एवं विहिप के शारदा कांत पांडे ने संयुक्त रूप से किया ! अतिथियों का स्वागत डॉ अरुण सिंह एवं कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार गुप्ता ने किया !
इस अवसर पर देश राष्ट्रवाद समाज के प्रति शिक्षकों के कर्तव्य विषय पर एक वृहद विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ! गोष्ठी को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक राम जन्म भूमि अयोध्या पंकज पांडे ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता व राष्ट्रीय उन्नत का आधार भी शिक्षक ही है ! क्षेत्राधिकारी एलआईयू अयोध्या अंजनी तिवारी ने कहा कि संस्कार और शिक्षा कभी सेवानिवृत्त नहीं होता ! डीएवी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य इंद्रपाल सिंह ने अपनी कविता के माध्यम से शिक्षकों के वृहद भूमिका को रेखांकित किया ! सभा को संबोधित करने वालों में राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित प्रधानाध्यापक घनश्याम पांडे , राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शशि कला श्रीवास्तव ,नवल किशोर तिवारी , रामसागर सिंह देवेंद्र नाथ शुक्ला ,विपनेश पांडे आदि लोगों ने संबोधित किया ! कटरा कुटी धाम के महंत स्वामी चिन्मयानंद दास ने शिक्षकों को दिव्य संदेश देते हुए कहा कि पारस पत्थर तो लोहे को सोना ही बनाता है किंतु शिक्षक लोहे को पारस पत्थर बनाता है ! शिक्षक सिर्फ पद प्रतिष्ठा नहीं अपितु वह आध्यात्मिक शक्ति है जो अदने से अदने व्यक्ति को भी भगवान बनाकर विश्व पूजित करा सकता है ! महंत ने कहा के शिक्षक सिर्फ व्यक्ति ही नहीं वह आध्यात्मिक शक्ति है जो कभी भी न तो नष्ट होती है और ना ही समाप्त होती है ! कार्यक्रम के अंत में सभी शिक्षा जगत के विद्वानों , शिक्षकों , प्रवक्ताओं , प्रधानाचार्य , प्राचार्य का अंग वस्त्र , माल्यार्पण , मिष्ठान , प्रतिमा देकर सम्मानित किया गया ! कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ ! इस अवसर पर हरैया विधायक प्रतिनिधि विनोद गुप्ता ,जयदेव सिंह, विजय शंकर मिश्रा ,रामजीत विश्वकर्मा , अनंत देव वर्मा ,राकेश श्रीवास्तव ,डीपी श्रीवास्तव, नंद कुमार तिवारी मुकुल ,घनश्याम पांडे ,संतोष सिंह चिंतित, डॉ कुमार सहित बड़ी संख्या में विद्वान शिक्षक उपस्थित रहे ।
