विद्यानगर बीट में हरे-भरे सागौन की कटान जारी, वनरक्षक के मिलीभगत का आरोप
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वन संरक्षक कार्यालय से मिली सूचना के 03 घंटे बाद पहुंचे वनकर्मी
गोण्डा। वन रेंज पंडरी कृपाल अंतर्गत बीट विद्यानगर में हरे-भरे सागौन के पेड़ों की अवैध कटान धड़ल्ले से जारी है। आरोप है कि वनरक्षक की मिलीभगत से कटान हो रही है और शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी समय पर नहीं पहुंच रहे।
15 की परमिट पर काटे 33 पेड़
स्थानीय लोगों के अनुसार विद्यानगर बीट में 15 पेड़ों के कटान की परमिट होने के बावजूद 22 मई 2026 को 33 पेड़ काटकर लापता कर दिए गए। 14-15 जून को ग्राम सुमेरीपुर में भी कई दर्जन सागौन के पेड़ काटे गए। खबर प्रकाशित होने के बाद वन विभाग द्वारा आनन-फानन में सभी बूटों को जेसीबी से खुदवाकर ट्रैक्टर से जोतवाकर साक्ष्य मिटाते हुए खेत का स्वरूप दे दिया गया। इस मामले में सिर्फ 5-6 पेड़ों पर ही कार्रवाई की गई।
दुल्हापुर में दिनदहाड़े कई सागौन पेड़ गायब
दिनाँक 6 जुलाई 2026 को ग्राम दुल्हापुर में अवैध रूप से सागौन के पेड़ों के कटान की सूचना वनसंरक्षक कार्यालय द्वारा करीब 11:30 बजे रेंजर पंडरी कृपाल को दी गई, इसके बावजूद 02 बजे तक सभी बोटे ट्रैक्टर-ट्राली पर लादकर गायब कर दिया गया। ट्रैक्टर ट्राली निकलने के कुछ ही क्षण बाद दोपहर 2:30 बजे वनकर्मी वाचर मौके पर पहुंचे और बूटों का निरीक्षण किया। इतनी देरी से पहुंचना विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है।
वनरक्षक की क्षेत्र में मजबूत पकड़, रेंजर बेखबर
चर्चा है कि वनरक्षक सोनू शुक्ला की क्षेत्र में मजबूत पकड़ होने के चलते क्षेत्र में हो रही कटान की खबर रेंजर सुशांत शुक्ला तक नहीं पहुंच पाती।
इस संबंध में रेंजर सुशांत शुक्ला ने बताया कि मौके पर 05 पेड़ों के बूट पाए गए थे। उसी के आधार पर केश काटा गया है।
लकड़कट्टे सक्रिय, विभाग निष्क्रिय
विद्यानगर बीट में लगातार हो रही कटान और विभाग की सुस्त कार्रवाई से स्पष्ट है कि वन माफिया सक्रिय हैं। स्थानीय लोगों द्वारा मीडिया के माध्यम से आवाज उठाते हुए डीएफओ गोण्डा व वन संरक्षक से निष्पक्ष जांच कराए जाने के साथ-साथ दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है।
