परम पूज्य बाबा गुरुदेव महाराज के उदार आदर्शों को जन जन तक पहुंचाएं : गुरुदेव पंकज जी महाराज
1 min read
2,358 views
अशफाक आलम
गौरा चौकी गोंडा – परम पूज्य गुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी गुरुदेव पंकज जी महाराज ने अपने सत्संग कार्यक्रम में भारतीय संस्कृति के उदार आदर्शों की तरफ प्रेरित किया , जिसमें प्रेम और सद्भाव की जानकारी देकर चरित्र का उत्थान करना, अच्छे संस्कार की शिक्षा पर बल देना, लोगों के बीच नफरत और ईर्ष्या की खाइयो को पाटना साथ ही समाज में मानवतावाद, समाजवाद, सांप्रदायिक सद्भाव का संदेश लेकर वह निकले हैं जो परम पूज्य गुरुदेव जी महाराज की इच्छा थी और उन्ही के संदेशों को लेकर वह देश में स्वच्छ समाज का निर्माण करना चाहते हैं जो सबके लिए लाभकारी होगा ।
सोमवार को वभनजोत ब्लॉक महुआ पाकर के किसान पीजी कॉलेज में एक दिवसीय सत्संग कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें परम पूज्य जयगुरुदेव जी महाराज के उत्तराधिकारी पंकज जी महाराज अपने सत्संग और प्रवचन को लेकर लोगों के बीच उपस्थित हुए । यह यात्रा परम पूज्य बाबा गुरुदेव जी महाराज के संदेशों को लेकर जन जन तक पहुंचाने के उद्देश्य थे 108 दिनों के लिए मथुरा आश्रम से निकली है जो 14 अगस्त को राजस्थान के सीकर जिले में सघन कार्यक्रम करके अब देवीपाटन मंडल में चल रही है । बहराइच, श्रावस्ती , बलरामपुर जिले के कार्यक्रम संपन्न हो चुके हैं । सोमवार को गोंडा जिले के वभनजोत ब्लॉक में पहला और अपने एकसठवें पड़ाव पर गांव महुआ पाकड़ पहुंची। सत्संग समारोह में प्रवचन करते हुए संत जी ने अनमोल मानव तन प्राप्ति और गुरु महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा 84 लाख योनियों में मानव सर्वश्रेष्ठ है क्योंकि इसमें पांचो तत्व मौजूद हैं और इसी में प्रभु के पास जाने का रास्ता है। “मिली नरदेह यह तुमको, बनाओ काज कुछ अपना। पचो मत आय यह जग में, जानियो रैन का सपना।।” पंक्तियों को उद्धृत करते हुए कहा कि अब की बार परमात्मा ने बड़ी कृपा करके यह अनमोल मानव तन आपको दे दिया तो इसे पाकर अपना आत्म कल्याण करा लें।
इसके लिए प्रभु की प्राप्ति करने वाले संत महात्मा की जरूरत है। कलियुग में संतों ने पिछले युगों की साधनाओं को मना करके सुरत–शब्द–योग (नाम–योग) की साधना जारी किया। जिससे गृहस्थ आश्रम में रहकर किया जा सकता है। हमारे गुरु महाराज परम संत बाबा जयगुरुदेव जी ने इस साधना को जन–सुलभ बनाकर करोड़ों लोगों को इसमें लगा दिया। उन्होंने शाकाहार अपनाने, शराब तथा अन्य घातक नशों को त्यागने, चरित्र उत्थान पर बहुत जोर दिया तथा आपस में मिलजुल कर रहने की अपील किया। साथ ही यह भी स्मरण कराया कि जाति–पात आज के झगड़ों से नफरत के सिवा आपको क्या मिला? इसमें जीवन का महत्वपूर्ण समय बीत गया और अपना आत्मकल्याण न करा सके।
उन्होंने आगामी 8 से 12 दिसंबर तक जयगुरुदेव आश्रम मथुरा में आयोजित होने वाले “दादा गुरुजी” के छिहत्तरवें पावन वार्षिक भंडारा सत्संग में भाग लेने का निमंत्रण दिया। आयोजन में खोड़ारे पुलिस प्रशासन का सहयोग रहा।
इस अवसर पर जयगुरुदेव संगत गोंडा के अध्यक्ष धर्मराज यादव, रामसुमेर मौर्य, डॉ.अनिल श्रीवास्तव ‘बब्लू’ प्रधान, राजेंद्र वर्मा, बब्लू यादव, रामस्वरूप वर्मा, डॉ. ओमप्रकाश, जानकी प्रसाद जायसवाल, अशोक श्रीवास्तव, शैलेंद्र श्रीवास्तव सहयोगी संगत संत कबीर नगर के अध्यक्ष राजाराम यादव आदि सहित संस्था के कई पदाधिकारी प्रबंध समिति एवं सामान्य सभा के कई सदस्य मौजूद रहे। प्रबंधक संत राम चौधरी ने बताया कि कार्यक्रम के बाद जागरण यात्रा अपने अगले पड़ाव कुकनगर विकासखण्ड बभनजोत के लिए प्रस्थान कर गई।
