मुस्लिम ब्राह्मण बाहूल्य लोकसभा सीट पर इंडिया गठबंधन ने खिला पिछडा कार्ड, जबकि भाजपा ने पूर्व सांसद ने जताया भरोसा
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गोण्डा। मुस्लिम व ब्राह्मण बाहुल्य गोण्डा लोकसभा सीट पर मौजूदा सांसद कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया को बीजेपी ने लगातार तीसरी बार मैदान में उतारा है, जबकि समाजवादी पार्टी ने पीडीए फार्मूले पर कुर्मी वोटरों को साधकर चुनावी रण में विजय प्राप्त करने की मंशा के तहत बेनी प्रसाद वर्मा की पोती श्रेया पर दांव लगाया है।वही बसपा किसी अल्पसंख्यक को अपना उम्मीदवार बना कर सपा का खेल बिगाड कर त्रिकोणीय लडाई बनाने मे जुटी है बसपा की घोषणा अभी नही हुआ है पर संभावित उम्मीदवार मे निगार फातिमा का नाम तेजी से उभर रहा है।
गोण्डा लोकसभा सीट पर आठ बार मनकापुर राजघराने का दबदबा रहा। चार बार राजघराने के कुंवर आनन्द सिंह ने सांसदी का चुनाव जीतकर एकक्षत्र राज किया। इसके बाद उनके पुत्र कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया सांसद बनने में सफल रहे। इस लोकसभा क्षेत्र में गोण्डा सदर, मनकापुर, गौरा, मेहनौन तथा बलरामपुर जिले की उतरौला विधानसभा शामिल है। गोण्डा लोकसभा क्षेत्र में 18,38,295 मतदाता हैं वर्ष 2004 में कीर्तिवर्धन सिंह नेसपा के टिकट पर चुनाव लड़े और जीतकर संसद में पहुंचे। हालांकि, राजनीतिक एवं जातीय समीकरण के चलते 2009 में बेनी प्रसाद वर्मा कांग्रेस के टिकट पर जीत हासिल करने में कामयाब रहे वही उनकी पोती सपा से इस बार मैदान मे अपना किस्मत आजमा रही है । वर्ष 2014 में कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ राजा भैया भाजपा में शामिल हो गए और जीतकर लोकसभा में पहुंचे। 2019 में भी भाजपा के टिकट पर चुनाव जीतकर राजा भैया ने अपने राजनीतिक पकड़ और रसूख का लोहा मनवाया। 2024 में लगातार तीसरी बार राजा भैया बीजेपी से ही चुनावी रण में हैं। इस तरह मनकापुर राजघराने का दबदबा चार दशक से भी अधिक समय से गोण्डा लोकसभा सीट पर कायम है। वैसे तो मनकापुर रियासत के अभेद्य दुर्ग को भेद पाना आसान नहीं लग रहा है, लेकिन अब तक बसपा द्वारा अपना प्रत्याशी मैदान में न उतारने से यहां फिलहाल सीधी लड़ाई के आसार दिखाई दे रहे हैं पर सूत्रों की माने तो बसपा अल्पसंख्यक जातियों के गुणा गणित देखकर निगार फातिमा को मैदान मे उतारने की जुगत मे है श्रेया वर्मा के उपर जहा बाहरी प्रत्याशी का तमगा चर्चा मे है वही महिला प्रत्याशी के रुप मे निगार फातिमा केचुनाव मैदान मे आने की चर्चा जोरों पर है निगार बसपा नेता राजिक उस्मानी की पत्नी है वह गौरा विधानसभा से बसपा की प्रत्याशी रही है वह बसपा सुप्रीमो की करीबी नेता भी मानी जाती है इस समय वह अपने पैतृक आवास शाहपुर मे बसपा के नेताओ काआनाजाना लगा हुआ है फिलहाल उनके पति राजिक उस्मानी से जब चुनाव बाबत पूछा गया तो उन्होंने कहा कि समय का इंतजार है आफर आयेगा तभी कुछ कहा जा सकता है जबकि सोशल मीडिया पर निगार फातिमा जनसंपर्क करती फोटो भए कर लोगों से समर्थन मांग रही है बसपा ने अगर मुस्लिम समुदाय की महिला प्रत्याशी मैदान मे उतारा तो सपा गठबंधन की श्रेया वर्मा की मुश्किलें बढ़ जाएगी । सपा जहां मुस्लिम-यादव के साथ ही सजातीय (कुर्मी) मतदाताओं के भरोसे जीत का दावा कर रही है, वहीं भाजपा ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, कुर्मी, दलित समेत यादव-मुस्लिम वोटरों तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी व अयोध्या में राममंदिर निर्माण को जीत का आधार मानकर पूरी तरह से आश्वस्त है। बसपा द्वारा महिला प्रत्याशी के देने से भाजपा की जीत का रास्ता बनेगा और सपा का रास्ता कठिन होगा फिलहाल अभी सपा और भाजपा के प्रत्याशी मैदान मे है जिसमे श्रेया वर्मा अभी युवाओ और महिलाओं मे अच्छी पकड बनाती दिख रही है वही भाजपा प्रत्याशी मोदी की गारंटी पर चुनाव मैदान मे लोगों से समर्थन मांगते दिख रहे हैं।
