मुफ्ती मोहम्मद मासूम रजा खान हाशमती के जनाजे में हजारों लोग शामिल ।*
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अशफाक आलम
*गौरा चौकी (गोण्डा )
मुफ्ती-ए-आजम पीली भीत मासूम राजा खान की नमाजे जनाजा जुहर की नमाज़ के बाद मुबारक मोड़, सादुल्लाह नगर, जिला बलरामपुर के पास “खेल मैदान” में पढ़ी गई। जहां पर हजारों की तादाद में उनके चाहने वालों ने पहुंचकर उनके नमाजे जनाजा में शिरकत की और दुआएं मफरत की दुआ की l सोमवार को, फज्र की नमाज़ के बाद, से लेकर दिन के 12:00 बजे तक हुजूर मासूमे मिल्लत की जियारत कराई गई l
हजरत मासूमे मिल्लत के खलीफा और खादिम अलहाज कारी शरफुद्दीन खान हशमती ने बताया कि सोमवार को सुबह 9:00 बजे अपने घर पीलीभीत शरीफ में हजरते वाला ने अपनी जिंदगी की आखिरी सांस ली. इस वक्त हजरत की उम्र करीब 75 वर्ष थी. वे काफी दिनों से खराब स्वास्थ्य के साथ जी रहे थे। हजरत 6 भाई थे, जिनमें से अब केवल दो ही लोग ज़िंदा हैं, अल्लामा मुफ्ती मुहम्मद इदरीस रजा खान हशमती और अल्लामा मुफ्ती मुहम्मद नासिर रजा खान हशमती। मासूमे मिल्लत के इंतकाल की सूचना मिलते ही गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सादुल्लाह नगर, उतरौला लखनऊ, मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, नागपुर, मध्य प्रदेश और आसपास के क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। बता दें कि सादुल्लाह नगर और गौरा चौकी के बीच मुशाहिद नगर, पिपरा माहिम शरीफ है, जहां अलजामेअतुल-हशमतिया स्थित है। यहीं से पूरे क्षेत्र में, शेर बेशऐ अहले-सुन्नत ने मसलके आला हजरत को मजबूत किया था, इसी मिशन पर हुजूर मासूमे मिल्लत ने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया, और पूरा परिवार शेर बेशऐ अहले-सुन्नत के इसी मिशन पर काम कर रहा है। मासूमे मिल्लत के चार बेटे हैं अल्लामा मुफ्ती मुहम्मद फरजान रजा खान हशमती, मौलाना मुफ्ती मुहम्मद मेहरान रजा खान हशमती, मौलाना मुफ्ती मुहम्मद फारान रजा खान हशमती और मौलाना हाफिज मुहम्मद फरमान रजा खान हशमती,के अलावा एक बेटी व पत्नी शामिल हैं l
