शिक्षिका सुमन कुशवाहा ने ग्रामीणों व बच्चों में दो सौ पौधे वितरित कर मिशाल की कायम
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मोहम्मद सुलेमान /राकेश कुमार सिंह
गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) शनिवार को जनपद कौशांबी विकास खण्ड नेवादा में स्थित प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर की शिक्षिका सुमन कुशवाहा ने अपने व्यक्तिगत खर्च से दो सौ पौधे खरीद कर ग्रामीणों में वितरित किया गया।साथ में लोगों को पौधे के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए लोगों को प्रेरित किया कि इन पौधों को खाली पौधा न समझें वल्कि इन्हीं के बल बूते हम जिन्दा हैं। जितनी भी जीवित जन्तु या वनस्पतियां हैं सभी को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।जो हमें केवल इन पौधों से ही मिलता है।फल, फूल,दवा, सब्जियां, दवाईयां, मसाले,अनाज,इमारती लकड़ियां इत्यादि इन्हीं पौधों से मिलता है। इसलिए इन्हें अपने बच्चे जैसा पालें व संरक्षण दें। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी सुखमय जीवन व्यतीत कर सके।वन हैं तो जन हैं ये बात लोगों को समझाएं।एक पेड़ काटें तो दस पेड़ लगाएं।तब जाके उसकी भरपाई हो पाएगी।शनिवार को जनपद कौशांबी विकास खण्ड नेवादा में स्थित प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर की शिक्षिका सुमन कुशवाहा ने अपने व्यक्तिगत खर्च से दो सौ पौधे खरीद कर ग्रामीणों में वितरित किया गया।साथ में लोगों को पौधे के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए लोगों को प्रेरित किया कि इन पौधों को खाली पौधा न समझें वल्कि इन्हीं के बल बूते हम जिन्दा हैं। जितनी भी जीवित जन्तु या वनस्पतियां हैं सभी को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।जो हमें केवल इन पौधों से ही मिलता है।फल, फूल,दवा, सब्जियां, दवाईयां, मसाले,अनाज,इमारती लकड़ियां इत्यादि इन्हीं पौधों से मिलता है। इसलिए इन्हें अपने बच्चे जैसा पालें व संरक्षण दें। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी सुखमय जीवन व्यतीत कर सके।वन हैं तो जन हैं ये बात लोगों को समझाएं।एक पेड़ काटें तो दस पेड़ लगाएं।तब जाके उसकी भरपाई हो पाएगी।शनिवार को जनपद कौशांबी विकास खण्ड नेवादा में स्थित प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर की शिक्षिका सुमन कुशवाहा ने अपने व्यक्तिगत खर्च से दो सौ पौधे खरीद कर ग्रामीणों में वितरित किया गया।साथ में लोगों को पौधे के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए लोगों को प्रेरित किया कि इन पौधों को खाली पौधा न समझें वल्कि इन्हीं के बल बूते हम जिन्दा हैं। जितनी भी जीवित जन्तु या वनस्पतियां हैं सभी को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।जो हमें केवल इन पौधों से ही मिलता है।फल, फूल,दवा, सब्जियां, दवाईयां, मसाले,अनाज,इमारती लकड़ियां इत्यादि इन्हीं पौधों से मिलता है। इसलिए इन्हें अपने बच्चे जैसा पालें व संरक्षण दें। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी सुखमय जीवन व्यतीत कर सके।वन हैं तो जन हैं ये बात लोगों को समझाएं।एक पेड़ काटें तो दस पेड़ लगाएं।तब जाके उसकी भरपाई हो पाएगी।शनिवार को जनपद कौशांबी विकास खण्ड नेवादा में स्थित प्राथमिक विद्यालय भगवानपुर की शिक्षिका सुमन कुशवाहा ने अपने व्यक्तिगत खर्च से दो सौ पौधे खरीद कर ग्रामीणों में वितरित किया गया।साथ में लोगों को पौधे के महत्व के प्रति जागरूक करते हुए लोगों को प्रेरित किया कि इन पौधों को खाली पौधा न समझें वल्कि इन्हीं के बल बूते हम जिन्दा हैं। जितनी भी जीवित जन्तु या वनस्पतियां हैं सभी को आक्सीजन की आवश्यकता पड़ती है।जो हमें केवल इन पौधों से ही मिलता है।फल, फूल,दवा, सब्जियां, दवाईयां, मसाले,अनाज,इमारती लकड़ियां इत्यादि इन्हीं पौधों से मिलता है। इसलिए इन्हें अपने बच्चे जैसा पालें व संरक्षण दें। जिससे हमारी आने वाली पीढ़ी सुखमय जीवन व्यतीत कर सके।वन हैं तो जन हैं ये बात लोगों को समझाएं।एक पेड़ काटें तो दस पेड़ लगाएं।तब जाके उसकी भरपाई हो पाएगी।
