मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बाढ़ क्षेत्र मे दौरे को लेकर प्रशासन के हाथ पांव फूले, कमियों को पूरा करने के लिए रात दिन कार्य जारी
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उमरी बेगमगंज ( गोण्डा ) युगनव टाइम्स लाइव / आज घोड़हन पुरवा में भिखारीपुर सकरौर तटबंध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की सांसें फूली हुई है। दौरे को लेकर तैयारियां तेजी के साथ दिन रात काम चल रहा है। शुक्रवार को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला ऐली परसोली में सरयू नदी के किनारे तटबंध पर डटा रहा ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ऐली परसौली में तटबंध का निरीक्षण करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी दिन रात पसीना बहा रहे हैं। बांध के किनारे बनाए जा रहे हेलीपैड का निरीक्षण कर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ।इसके बाद किलोमीटर 17 से 18 के बीच तटबंध का बारीकी से निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों से पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा। सफाई कर्मी बाढ़ चौकी से लेकर सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों को साफ करते नजर आए। पीडब्ल्यूडी विभाग टूटी सड़कों की मरम्मत में जुटा हुआ है ।वहीं सिंचाई विभाग के लोग बांधों की सफाई के साथ कार्यों के प्रति बरती गई लापरवाही से हुए डैमेज कंट्रोल के लिए पसीना बहा रहे हैं।इस दौरान डीआईजी ए पी सिंह, जिला अधिकारी नेहा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, सीडीओ अरुनमौली सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
इनसेट
सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
2 वर्ष पूर्व इसी स्थल पर मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर सरयू ड्रेजिंग में 10 करोड़ से अधिक का बजट खर्च हुआ था और विभाग द्वारा बड़े जोर शोर से आम जनमानस में यह प्रचारित किया गया था कि इससे नदी की धारा मोड़कर फैजाबाद की तरफ हो जाएगी और तटबंध पर दबाव खत्म होने से पूरा गोंडा बाढ़ से मुक्त हो जाएगा तथा इसके साथ ही निकाले गए बालू की भी नीलामी करके करोड़ों रुपए की आमदनी शासन को होगी। परन्तु सरयू के विकराल प्रवाह के आगे सारी योजना धरी की धरी रह गई और करोड़ों रुपए का यह प्रोजेक्ट पानी में ही बह गया। बुधवार को भी जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के के समक्ष भी यह प्रश्न हिन्दुस्तान द्वारा उठाया गया था जिसके जवाब में मंत्री जी कन्नी काटते हुए नजर आए।
घोड़हन पुरवा में भिखारीपुर सकरौर तटबंध पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन की सांसें फूली हुई है। दौरे को लेकर तैयारियां तेजी के साथ दिन रात काम चल रहा है। शुक्रवार को मंडलायुक्त व जिलाधिकारी सहित पूरा प्रशासनिक अमला ऐली परसोली में सरयू नदी के किनारे तटबंध पर डटा रहा ।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को ऐली परसौली में तटबंध का निरीक्षण करेंगे। इसकी तैयारियों को लेकर सिंचाई विभाग के अधिकारी दिन रात पसीना बहा रहे हैं। बांध के किनारे बनाए जा रहे हेलीपैड का निरीक्षण कर मंडलायुक्त योगेश्वर राम मिश्रा ने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए ।इसके बाद किलोमीटर 17 से 18 के बीच तटबंध का बारीकी से निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों से पूरी तरह से अलर्ट रहने को कहा। सफाई कर्मी बाढ़ चौकी से लेकर सड़कों के किनारे उगी झाड़ियों को साफ करते नजर आए। पीडब्ल्यूडी विभाग टूटी सड़कों की मरम्मत में जुटा हुआ है ।वहीं सिंचाई विभाग के लोग बांधों की सफाई के साथ कार्यों के प्रति बरती गई लापरवाही से हुए डैमेज कंट्रोल के लिए पसीना बहा रहे हैं।इस दौरान डीआईजी ए पी सिंह, जिला अधिकारी नेहा शर्मा, पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल, सीडीओ अरुनमौली सहित पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
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सिंचाई विभाग के कुछ अधिकारियों पर गिर सकती है गाज
2 वर्ष पूर्व इसी स्थल पर मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के नाम पर सरयू ड्रेजिंग में 10 करोड़ से अधिक का बजट खर्च हुआ था और विभाग द्वारा बड़े जोर शोर से आम जनमानस में यह प्रचारित किया गया था कि इससे नदी की धारा मोड़कर फैजाबाद की तरफ हो जाएगी और तटबंध पर दबाव खत्म होने से पूरा गोंडा बाढ़ से मुक्त हो जाएगा तथा इसके साथ ही निकाले गए बालू की भी नीलामी करके करोड़ों रुपए की आमदनी शासन को होगी। परन्तु सरयू के विकराल प्रवाह के आगे सारी योजना धरी की धरी रह गई और करोड़ों रुपए का यह प्रोजेक्ट पानी में ही बह गया। बुधवार को भी जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के के समक्ष भी यह प्रश्न हिन्दुस्तान द्वारा उठाया गया था जिसके जवाब में मंत्री जी कन्नी काटते हुए नजर आए।
