एमपी-एमएलए कोर्ट में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को जिला कारागार लखनऊ से किया तलब,बहस हुई पूरी,एक अप्रैल को आएगा कोर्ट का फैसला
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सुलतानपुर ( युगनव टाइम्स लाइव )अमेठी एमपी-एम एल ए कोर्ट में लखनऊ जेल से आदर्श आचार संहिता केस में तलब हुए पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के मामले में बहस की कार्यवाही मंगलवार को पूरी हुई। विशेष न्यायाधीश योगेश यादव ने पूर्व मंत्री के मामले में फैसले के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। वहीं इसी अदालत ने भाजपा नेता पर हमले व उन्हें धमकाने के आरोप से जुड़े मामले में पूर्व विधायक संतोष पांडेय समेत आठ आरोपियों को साक्ष्य के आभाव में बरी कर दिया है। इस दौरान दोनों माननीयों के समर्थकों की भीड़ जमा रही और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी मौजूद रही।
*पहला मामला देहात कोतवाली के नरहरपुर गांव से जुड़ा हुआ है।* जहां पर 22 दिसम्बर 2021 को हुई घटना का जिक्र करते हुए लम्भुआ कस्बा निवासी भाजपा नेता जय शंकर त्रिपाठी ने मुकदमा दर्ज कराया। आरोप के मुताबिक एक बर्थडे पार्टी के दौरान अपने साथियों के साथ पहुंचे पूर्व विधायक संतोष पाण्डेय ने उन्हें न सिर्फ धमकी दी बल्कि अपने साथियों के साथ मिलकर उनकी जमकर पिटाई कर दी थी। इस मामले में पूर्व विधायक संतोष पांडेय एवं उनके समर्थक परमात्मा यादव, सतपाल यादव, अशोक यादव, परमहंस यादव, यज्ञदेव भट्ट,आलोक तिवारी व विवेक मिश्र सहित अज्ञात समर्थकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। मामले में विवेचक ने अपनी तफ्तीश पूरी कर आठो नामजद आरोपियो के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मामले का विचारण स्पेशल मजिस्ट्रेट योगेश यादव की अदालत में चला। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने अपने साक्ष्यो एवं तर्को को पेश किया। वहीं बचाव पक्ष से अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने अपने साक्ष्यो व तर्को को प्रस्तुत करते हुए सभी आरोपियों को बेकसूर बताया। उभय पक्षो को सुनने के पश्चात अदालत ने मंगलवार के लिए फैसले का दिन तय किया था। अदालत ने मामले में साक्ष्य के आभाव में पूर्व विधायक संतोष पांडेय सहित आठों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है। अदालत के फैसले से पूर्व विधायक सहित अन्य आरोपियों एवं उनके समर्थकों में खुशी का माहौल रहा।
*वहीं दूसरा मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र से जुड़ा है।* जहां पर वर्ष 2012 में विधानसभा चुनाव के दौरान तत्कालीन अमेठी कोतवाल अमरेंद्र नाथ बाजपेई ने तत्कालीन सपा प्रत्याशी गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ 28 जनवरी 2012 को समर्थकों के साथ नामांकन करने के दौरान विधि विरुद्ध तरीके से जुलूस निकालकर नियम तोड़ने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था। इस प्रकरण की तफ्तीश विवेचक हरी प्रसाद वर्मा ने पूरी करते हुए 13 अप्रैल 2012 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। मामले का विचारण स्पेशल मजिस्ट्रेट एमपी-एमएलए योगेश यादव की अदालत में चल रहा है,जहां पर साक्ष्य की कार्रवाई पूर्ण होने के बाद लखनऊ जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे सूबे के पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को बहस की सुनवाई के दौरान मंगलवार के लिए तलब किया गया था। जिसके क्रम में लखनऊ जेल से पूर्व कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति कड़ी सुरक्षा के बीच एमपी-एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट की अदालत में तलब हुए। जिसके पश्चात उनके अधिवक्ता संतोष कुमार पांडेय ने उनकी मौजूदगी में अपनी बहस की कार्रवाई पूर्ण की। अदालत ने मामले में उभय पक्षो को सुनने के पश्चात फैसले के लिए एक अप्रैल की तारीख तय की है। पूर्व मंत्री की तलबी के दौरान उनके समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही।
