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गरीबों का निवाला छीनने वालों की अब खैर नहीं, खाद्यान्न माफियाओं की जगह सिर्फ जेल होगी— शत्रुहन पाठक

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आशीष तिवारी
नवाबगंज (गोण्डा) युगनव टाइम्स लाइव /रविवार को थाना क्षेत्र के नगवा में पुलिस द्वारा पकड़े गए 74 सरकारी बोरियों में भरे खाद्यान्न के मामले में उपजिलाधिकारी तरबगंज द्वारा टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। रविवार की शाम करीब 05 बजे पुलिस को मुखबिर खास से सूचना मिली कि नगवा में दो पिकअप पर सरकारी बोरियों में खाद्यान्न लादकर कुछ लोग नवाबगंज गल्ला मंडी ले जा रहे हैं। रास्ते में नगवा बीआरसी के पास एक पिकअप खराब हो गई तो दूसरी पिकअप के द्वारा उसे टोचन कर मंडी ले जाया जा रहा था। मौके पर पंहुची पुलिस ने दोनों पिकअप गाडिय़ों को चालक सहित हिरासत में ले लिया और थाने ले आई। घटना की सूचना प्रभारी निरीक्षक करूणाकर पांडे ने पूर्ति निरीक्षक और उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक को दी ।शाम करीब 6:30 पर थाने पंहुचे पूर्ति निरीक्षक सुनील दिवाकर द्वारा देर शाम तक पकड़े गए खाद्यान्न की तौल की गई। उन्होंने बताया कि कुल 74 बोरी में लगभग 45 कुंतल खाद्यान्न पकड़ा गया है जिसमें 68 बोरी चावल और 06 बोरी गेंहू है। उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक ने बताया कि खाद्यान्न की जांच और कारवाई के लिए टीम का गठन किया गया है जिसमें पूर्ति निरीक्षक नवाबगंज सुनील दिवाकर और नवाबगंज गल्ला मंडी के कार्यवाहक सचिव विनय कुमार मिश्रा शामिल हैं। वहीं पिकअप चालक जितेंद्र पुत्र हनुमान ने बताया कि यह अनाज उसने किसानों से खरीदा है और बिक्री के लिए नवाबगंज गल्ला मंडी ले जा रहा था। गौरतलब है कि जितेंद्र के पिता हनुमान नरायन पुर गाँव के कोटेदार हैं। वहीं मौके पर पकड़े गये दूसरे पिकअप चालक के रूप में शेषदत्त मिश्रा निवासी रामापुर भगाही की पहचान की गई । वहीं अब मामले से मौके पर पकडे गए कोटेदार के पुत्र जितेंद्र का नाम हटाकर श्रीराम नामक एक अन्य व्यक्ति को चालक दिखा दिया गया है। अब सवाल यह है कि यदि राशन किसानों से खरीदा गया है तो क्या सभी किसानों ने एक ही प्रजाति के चावल की खेती की थी? वहीं पकड़े गए खाद्यान्न के साथ कोटेदार के पुत्र की मौजूदगी कुछ और ही इशारा कर रही है। सूत्रों की मानें तो कोटेदार द्वारा अपना स्टाक नियमित करने के लिए प्रयास शुरू कर दिया गया है,जिसके लिए सोमवार को एक अन्य कोटेदार से 25 बोरी चावल भी मंगाया गया है। उधर टीम में शामिल दोनों अधिकारियों का फोन पूरा दिन स्विच आफ रहा। इन सब मुद्दों पर उपजिलाधिकारी शत्रुघ्न पाठक ने कहा कि जांच कराई जा रही है जो भी तथ्य सामने आयेंगे उसके अनुसार कार्यवाही की जायेगी।यदि मामला सरकारी खाद्यान्न की कालाबाजारी का है तो दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। नरायनपुर के कोटेदार के स्टाक की जांच के साथ ही इस मामले में यदि कोई अन्य कोटेदार भी संलिप्त मिलता है तो उसकी भी जांच कराई जायेगी। इस मामले में एक अन्य खाद्यान्न माफिया का नाम भी बार-बार कोटेदार पुत्र जितेंद्र द्वारा लिया जा रहा है।

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