लाइफ लाइन हॉस्पिटल के डॉ.फराज नसीम ने अपने जन्मदिन पर अस्पताल में फ्री ओपीडी में मरीजों का किया इलाज….
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लाइफ लाइन हॉस्पिटल के डॉ.फराज नसीम ने अपने जन्मदिन पर अस्पताल में फ्री ओपीडी में मरीजों का किया इलाज….

मोहम्मद सुलेमान
गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) लाइफ लाइन हॉस्पिटल में डॉक्टर फराज नसीम एमबीबीएस. एमएस ,(जर्नल सर्जरी) डीएनबी सुपर
सुपरस्पेशलिटी यूरोलॉजी एंड ट्रांसप्लांट सर्जन ने अपने जन्मदिन पर हॉस्पिटल में पूरा दिन फ्री ओपीडी में फिसियोथेरपिस्ट और गाइनी से रिलेटेड डॉक्टर्स अपनी फ्री में पूरी सेवा दी, हर तरह की बीमारी से रिलेटेड डॉक्टरों की टीम ने डॉक्टर फराज नसीम के जन्मदिन पर दिन भर अपना समय देकर मरीज़ों को. यह ओपीडी सुबह 10 बजे से शाम 3 बजे तक चली , जिसमें हर डॉक्टर का अपना- ओपीडी टाइम स्लॉट निर्धारित रहा। डॉक्टरी पेशा समाज के लिए समर्पित पेशा माना जाता है. ये पेशा लोगों की सेवा करने की भावना से ही शुरू हुआ था. लेकिन अब डॉक्टर के नाम से लोगों को अपने बजट के बारे में सोचना पड़ता है. इसी बीच सहानुभूति की मिसाल देखने को मिली है. गोंडा के लाइफ लाइन हॉस्पिटल की ओपीडी में डॉक्टर फराज नसीम ने अपने जन्मदिन पर अपनी फीस और दवाइयां लिखकर लोगों को मुफ्त में आपकी परेशानी का सस्ते से सस्ता इलाज किया हैं.लाइफलाइन हॉस्पिटल, कर्बला रोड, राजा मोहल्ला, की ये फ्री ओपीडी डॉक्टर फराज नसीम ने अपने जन्मदिन पर लोगों की सेवा की है. इस पूरे आइडिया के पीछे डॉक्टर फराज नसीम के पिता व (लॉजिक इमेजिंग एवं डायग्नोस्टिक्स बाई स्पेक्ट्रम मेंडिविजन के एमडी नसीर अहमद हैं। जो अपने डॉक्टर बेटे को सेवा भावना से काम करने की प्रेरणा देते हैं. नसीर अहमद जी के मुताबिक किसी को भी फर्स्ट ट्रीटमेंट मिल जाये तो उसकी जान बच सकती है. इसी भावना से जन्मदिन पर ये फ्री ओपीडी किया गया है. डॉक्टर्स भी अपनी मर्ज़ी और खुशी से यहां मरीज़ों का इलाज करते हैं. डॉक्टर्स मरीज़ों को अच्छी और सस्ती दवाई लिखते हैं और साथ ही अच्छे घरेलू उपचार, परहेज बताकर मरीज़ों को ठीक करने की कोशिश करते हैं.
पिछले कुछ दिनों से अब तक सैकड़ों की संख्या में मरीजों का इलाज किया जा चुका है .इस ओपीडी में ज़रूरी टेस्ट, ईसीजी वगैरह भी बहुत कम खर्चे में किए जाते हैं. लगभग 60 फीसदी की छूट पर यहां सभी टेस्ट किए जाते हैं. इस फ्री ओपीडी का मकसद लोगों को फर्स्ट ट्रीटमेंट देकर ठीक करना है. ताकि मरीज़ सिर्फ पैसों की कमी के कारण किसी इलाज से वंचित न रहें।
