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स्वाभिमान, साहस, शौर्य व पराक्रम के प्रतीक थे महाराणा प्रताप — डॉ. शेरबहादुर सिंह

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स्वाभिमान, साहस, शौर्य व पराक्रम के प्रतीक थे महाराणा प्रताप — डॉ. शेरबहादुर सिंह

महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खाईं लेकिन स्वाभिमान से समझौता नहीं किया — राकेश सिंह प्रवक्ता

कर्नलगंज/गोण्डा। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर 9 मई शनिवार को कर्नलगंज स्थित डाक बंगला परिसर में भव्य एवं गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। मां वाराही न्यूज के बैनर तले आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार तेज प्रताप सिंह ने की, जबकि संचालन महादेव प्रसाद मौर्य ने किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों, शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, पत्रकारों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही। कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के शौर्य, त्याग, बलिदान और स्वाभिमान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. शेरबहादुर सिंह रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. राकेश कुमार सिंह, डॉ. अरुण कुमार सिंह एवं अनिल श्रीवास्तव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11 बजे महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. शेरबहादुर सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया और मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया।
कार्यक्रम में दूसरे प्रमुख वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार तेज प्रताप सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल एक वीर योद्धा नहीं, बल्कि राष्ट्र चेतना के प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं को महाराणा प्रताप के संघर्ष, त्याग और आत्मसम्मान से सीख लेकर समाज एवं राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए। तेज प्रताप सिंह ने कहा कि इतिहास तभी जीवित रहता है जब समाज अपने महापुरुषों के आदर्शों को नई पीढ़ी तक पहुंचाता है। उन्होंने ऐसे आयोजनों को सामाजिक जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना के लिए अत्यंत आवश्यक बताया।
कन्हैयालाल इंटर कॉलेज कर्नलगंज के प्रवक्ता राकेश सिंह ने महाराणा प्रताप, उनके वंशजों एवं रानी पद्मावती के ऐतिहासिक योगदान पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने घास की रोटियां खा लीं लेकिन कभी मुगलों के सामने आत्मसमर्पण नहीं किया। उनका जीवन संघर्ष, स्वाभिमान और देशभक्ति की सर्वोच्च मिसाल है। उन्होनें लोगो का आवाहन करते हुए कहा कि शक्ति संगठन में निहित होती है इसलिए सबको संगठित रहकर राष्ट्र निर्माण में जुटना चाहिए।
डॉ. अरुण कुमार सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन संघर्ष, आत्मबल और राष्ट्रभक्ति की अद्वितीय मिसाल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में युवाओं को उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है, ताकि समाज में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और स्वाभिमान की भावना मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा लेकर ही समाज और राष्ट्र का उज्ज्वल भविष्य निर्मित किया जा सकता है।
इस अवसर पर वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी, अनिल श्रीवास्तव समेत अन्य वक्ताओं ने भी महाराणा प्रताप के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया। वहीं अधिवक्ता एवं कवि वीरेंद्र तिवारी ‘बेतुक’ ने अपनी ओजपूर्ण कविता के माध्यम से महाराणा प्रताप के शौर्य और राष्ट्रभक्ति का भावपूर्ण वर्णन प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
वरिष्ठ समाजसेवी खन्नू मिश्रा ने महाराणा प्रताप को नमन करते हुए उनकी वीर गाथा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप ने राष्ट्र रक्षार्थ अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया लेकिन अपने राष्ट्र पर आंच नहीं आने दी।
कार्यक्रम के दौरान मां वाराही न्यूज के संस्थापक सुभाष सिंह द्वारा सभी अतिथियों एवं विशिष्ट लोगों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह ने आयोजन की गरिमा को और अधिक बढ़ा दिया।
सम्मानित होने वालों में प्रशांत सिंह, नरेंद्र बहादुर सिंह, अजय प्रताप सिंह, राम बहादुर पांडे कानूनगो, अवधेश सिंह राठौर, विकास सिंह लेखपाल, अमरेंद्र सिंह, शुभम सिंह भटपुरवा, प्रियांशु सिंह, संतोष कुमार सिंह, रवि सिंह, राघवेंद्र प्रताप सिंह, महादेव प्रसाद मौर्य सहित पंद्रह लोगों को “महाराणा प्रताप स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया।
समापन अवसर पर सुभाष सिंह ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, आयोजकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल महापुरुषों का स्मरण करना नहीं, बल्कि समाज में प्रेरणा, संस्कार और राष्ट्र चेतना का संचार करना है।
इस दौरान प्रियांशु प्रताप सिंह, शुभम सिंह, अधिवक्ता त्रिलोकीनाथ तिवारी, नरेंद्र सिंह अध्यापक, ज्वाला प्रसाद तिवारी, अखंड प्रताप सिंह, अधिवक्ता वीरेंद्र तिवारी बेतुक, बबलू सिंह, राहुल सिंह, सुरेश वर्मा, सिद्धांत सिंह, अशोक सिंह, लल्ला सिंह, हारून, सुरेश दूबे, नितीश श्रीवास्तव, नकछेद सिंह, कुलदीप सिंह, सार्थक, सर्वेश श्रीवास्तव, रवि सिंह, संतोष सिंह, मोनू सिंह सहित सैकड़ों लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
इस अवसर पर कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस टीम भी मुस्तैद रही।

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