सीआईटीयू उत्तर प्रदेश के सोलहवें राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन मजदूर विरोधी नीतियों पर तीखा प्रतिरोध*, *महंगाई से लेकर श्रम संहिताओं के खिलाफ कई प्रस्ताव पारित*
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मोहम्मद सुलेमान
मोतीगंज गोंडा
गोंडा। सुवास्तु लॉन में आयोजित सी आई टी यू, उत्तर प्रदेश के सोलहवें राज्य सम्मेलन का दूसरा दिन संघर्ष और एकजुटता के संदेशों के साथ सम्पन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता कॉमरेड रवि मिश्रा के नेतृत्व वाली अध्यक्ष मंडली ने की, जबकि संचालन कॉमरेड सुरेंद्र सिंह ने किया।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीआईटीयू की राष्ट्रीय सचिव कॉमरेड ए. आर. सिंधु ने कहा कि वर्तमान समय में सरकार पूरी तरह निरंकुश होती जा रही है और मजदूर वर्ग के संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का संगठित प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों में संशोधन कर मजदूरों को बंधुआ बनाने जैसा माहौल तैयार किया जा रहा है, जिससे पूंजीपतियों के मुनाफे में बढ़ोतरी और श्रमिकों के शोषण में तेजी आई है।
कॉमरेड सिंधु ने कहा, “09 जुलाई की ऐतिहासिक हड़ताल ने साफ कर दिया है कि भारत का मजदूर वर्ग न तो दबने वाला है और न ही डरने वाला। यदि हमारे अधिकारों पर हमला जारी रहेगा तो मजदूर वर्ग सरकार को उखाड़ फेंकने की ताकत रखता है।”
सीआईटीयू उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष कॉमरेड कौशलेंद्र पांडे ने कहा कि प्रदेश सरकार श्रमिक-विरोधी नीतियों पर आमादा है और यह रुख मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि योजना श्रमिकों, आशा, आंगनबाड़ी और मिड डे मील कर्मियों का मानदेय बढ़ाए बिना उनसे लगातार भारी काम कराया जा रहा है। भवन निर्माण श्रमिकों को सिर्फ घोषणाओं तक सीमित रखते हुए उनके लाभों को रोके रखा गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि “यदि लंबित योजनाओं का निस्तारण और श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर तत्काल निर्णय नहीं हुआ तो पूरे देवीपाटन मंडल में व्यापक आंदोलन खड़ा किया जाएगा।”
सम्मेलन में महंगाई पर प्रस्ताव पारित किया गया।कॉमरेड विशंभर सिंह ,ने इस प्रस्ताव को रखा तथा समर्थन कॉमरेड अरुण सिंह ने किया । सांप्रदायिकता-विरोधी प्रस्ताव कॉमरेड अविनाश मिश्रा ने रखा तथा समर्थन राहुल मिश्र ने किया। न्यूनतम वेतन बढ़ोतरी से संबंधित प्रस्ताव मोहन सिंह ने रखा और उसका समर्थन बबीता कपूर ने किया । इसके साथ ही चारों श्रम संहिताओं और शिक्षा से जुड़े प्रस्ताव भी सम्मेलन ने सर्वसम्मति से स्वीकार किए। इन प्रस्तावों को विकाश स्वरूप तथा प्रमोद गौड़ ने रखा तथा उसका समर्थन आर एम राय और आशुतोष त्रिपाठी ने किया। किसान मजदूर एकता पर प्रस्ताव कॉमरेड कौशलेंद्र पांडेय ने रखा तथा समर्थन नीरज श्रीवास्तव ने किया। श्रमिकों के कल्याण की योजनाओं के लिए संघर्ष का प्रस्ताव देवाशीष भट्टाचार्य ने रखा तथा समर्थन मयंक श्रीवास्तव ने किया । उत्तर प्रदेश में बिजली का निजीकरण किया जा रहा है। इसके खिलाफ सम्मेलन में प्रस्ताव सुरेन्द्र सिंह ने रखा तथा समर्थन एस पी सिंह किया। उत्तर प्रदेश में भवन निर्माण मजदूरों को बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, इसके खिलाफ प्रस्ताव अजित सिंह ने रखा तथा समर्थन शिवाकांत मिश्र ने किया। सम्मेलन में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के समायोजन के लिया प्रस्ताव वीणा गुप्ता ने तथा समर्थन विकाश स्वरूप ने किया । चीनी उद्योग के कर्मचारियों की समस्याओं पर प्रस्ताव सुरेन्द्र सिंह ने रखा तथा समर्थन शिवाकांत मिश्र ने किया ।
सीआईटीयू ने स्पष्ट किया कि मजदूरों के अधिकारों पर किसी भी प्रकार के हमले का देशव्यापी प्रतिरोध किया जाएगा और संगठन संघर्ष को और तेज करने के लिए प्रतिबद्ध है l
