मित्रता कृष्ण सुदामा की तरह होने लगी।
1 min read
3,642 views
मोहम्मद सुलेमान / प्रदीप गुप्ता
गोंडा।मसकनवा कस्बे के खांले गांव रेलवे क्रासिंग के पास चल रहे नौ दिवसीय श्रीमदभागवत कथा के दौरान सुदामा चरित्र का सुंदर वर्णन किया गया ।मुख्य यजमान श्री राम गुप्त और माया देवी ने कथा व्यास विष्णु महराज और आचार्य पंकज मिश्रा को फूल माला अंग वस्त्र भेट कर सम्मानित किया।कथा व्यास पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु महराज ने कहा मित्रता कृष्ण सुदामा की तरह से होनी चाहिए।कैसी भी परिस्थिति हो मित्र को मित्र का साथ देना चाहिए ।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपने आंसुओ से सुदामा का पैर धो कर मित्रता की मिसाल कायम की थी।बिना मांगे सबकुछ दे दिया था ।महिलाओं ने समूह आरती की भावपूर्ण विदाई की। प्रसाद वितरित किया गया।महिलाओं ने भक्ति भाव पर जम कर नृत्य किया ।सुनील,सुधांशु गुप्त ,अनिल,सोनी, संगीता,मानू ,अनीता, सुरभि, महिमा, मानसी,शशांक, मयंक, शिवकुमार शिव प्रकाश ,सूर्य कांत शुक्ल,गंगा प्रसाद तिवारी आदि रहे।
