एक लाख मंदिरों को बनाएंगे शक्ति केंद्र: मेजर रमेश उपाध्याय
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एक लाख मंदिरों को बनाएंगे शक्ति केंद्र: मेजर रमेश उपाध्याय
शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान का तीन दिवसीय अयोध्या मंथन संपन्न
बंगाल और जम्मू कश्मीर के हिंदुओ कि स्थिति पर विशेष चर्चा हुई।
रूबी सोनी अयोध्या धाम
अयोध्या/शाश्वत हिंदू प्रतिष्ठान द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकर्ता सम्मेलन सह प्रशिक्षण कार्यक्रम आज अयोध्या प्रस्ताव के साथ सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम के उपरांत राष्ट्रीय पदाधिकारियों की उपस्थिति में बंगाल और जम्मू कश्मीर में हिंदुओ की स्थितियों पर विशेष चर्चा विमर्श किया गया। अयोध्या के हनुमान बाग सेवा संस्थान के सभागार में तीन दिन चले इस कार्यक्रम का उदघाटन हैदराबाद से भाजपा की प्रत्याशी श्रीमती माधवी लता ने उदघाटन किया था। तीन दिनों तक शाश्वत हिंदू के विभिन्न प्रांतों से आए प्रतिनिधियों ने अपने अपने राज्यों में हिंदुओं की स्थिति पर चर्चा की गई। शाश्वत देवालय प्रकल्प के माध्यम से देश के एक लाख मंदिरों को शाश्वत देवालय के रुप में विकसित करने का संकल्प लिया गया। समापन समारोह में बोलते हुए संगठन के उपाध्यक्ष मेजर रमेश उपाध्याय ने कहा कि मदिरों से सामाजिक गतिविधियों को गति प्रदान करने की जरूरत है उन्होंने कनवर्जन की बढ़ती हुई परिस्थितियों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए सरकार को भी इस सम्बंध में गंभीर निर्णय लेने की मांग की।कार्यक्रम में बंगाल से पधारे ममता बनर्जी के खिलाफ़ अकेला प्रतिरोध करने वाले संन्यासी श्री बलराम बोस की उपस्थिति भी तीन दिनों तक बनी रही उन्होंने बंगाल में हिंदुओ की हो रही दुर्दशा को विस्तार से जानकारी दिया। मंदिरो के माध्यम से स्वालंबन, रोजगार,आर्थिक विकास, शिक्षा,चिकित्सा, योग, जैसे विषयों के माध्यम से समाज को शक्ति शाली बनाने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में गुजरात, महाराष्ट्र, यूपी, बिहार, झारखंड, बंगाल,जम्मू, उड़ीसा, कर्नाटक, नेपाल, हरियाणा, पंजाब, के प्रतिनिधी इस कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय पदाधिकारी श्री राजीव सोनी,श्री संजय शर्मा,श्री योगी अनूपनाथ जी, श्री सतपाल सिंह राठौर,श्री राजीव लोचन श्रीवास्तव, डॉ.गुंजन कुमार झा, श्री रवि कटारिया,श्रीमती नीलम सिंह,श्री उदयवीर सिंह,श्री प्रशांत कोतवाल जी, श्री के.डी.पाठक, श्री वीरेंद्र सिंह,श्री सुनील गुप्ता जी, श्री के.के.गुप्ता जी,श्री सरोज कुमार महापात्र, जैसे राष्ट्रीय पदाधिकारी उपलब्ध रहे।
