दुर्गुण विनाशिनी शक्ति का नाम है दुर्गा———–आचार्य विवेकानन्द जी
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मोहम्मद सुलेमान /राकेश कुमार सिंह
गोंडा। खरगूपुर शारदीय नवरात्र पर क्षेत्र में जगह-जगह दुर्गा प्रतिमाओं की स्थापना की गई है और दुर्गा सप्तशती पाठ व देवी भागवत महापुराण की कथा का अमृत पान कराया जा रहा है। इसी क्रम में क्षेत्र के असिधा गाँव में दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई है और देवी भागवत कथा हो रही है। कथा के पांचवे दिन कथावाचक आचार्य विवेकानन्द जी ने कहा कि दुर्गुणों का नाश करने के लिए माँ दुर्गा ने अवतार लिया था और देव और दैत्यों के संग्राम में महिषासुर का वध किया था। माँ दुर्गा जगज्जननी व आद्याशक्ति हैं। वे भक्तों के कल्याण के लिए अष्टभुजा होकर भक्तों की रक्षा के लिए देवताओं के तेज से उत्पन्न हुई थीं। माता दुर्गा सदैव दुर्गुणों से दूर रहने की प्रेरणा देती हैं। हमें निर्मल चित्त से माँ की आराधना करनी चाहिए।
कथा के दौरान नरसिंह नारायण पाण्डेय,मदन मोहन पाण्डेय,कृष्ण कुमार तिवारी,सुधीश पाण्डेय,शिव नाथ तिवारी,राजकुमार मिश्र, विवेक,राजू,शेर बहादुर पाण्डेय, शिवकुमार पाण्डेय सहित भारी संख्या में श्रोताओं ने कथा का रसास्वादन किया।
