मदरसा मदीनत उलूम टेगनहिया मानकोट में स्वतंत्रता दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
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अशफाक आलम गौरा चौकी
जो दिल में हक उतरता है उसे ईमान कहते हैं ,जो सबका दुख समझता है उसे इंसान कहते हैं ,
कई तहजीबें है आपस में जहां रहती हैं मिलजुलकर ,
तिरंगे की उसी धरती को हिंदुस्तान कहते हैं,
मदरसा मदीनत उलूम टेगनहिया मानकोट में स्वतंत्रता दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया | ठीक 8 बजे मदरसा के हाफ़िज़ अनवर साहब ने छात्रों के साथ पूरे गांव में भारतीय तिरंगा फहराया। घोषणा के अनुसार 9 बजे मदरसे के प्रांगण में आजादी के जश्न का कार्यक्रम आयोजित किया गया | हजरत मौलाना नजमुद्दीन साहब ने संवाद और दिलचस्प कलाम प्रस्तुत किया और आजादी की लड़ाई में मुसलमानों और विद्वानों के बलिदान पर प्रकाश डाला, जबकि हाफिज अब्दुल रब ने निज़ामत के कर्तव्यों का पालन किया।
