नमस्कार,युगनव टाइम्स लाइव में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9956313999,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद

Yugnav Times live

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,Yugnav Times

1857 की क्रान्ति में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले राजा अशरफ बक्स की पहचान आजादी के 75 साल बाद भी उपेक्षा का शिकार

1 min read

 3,014 views

 

अशफाक आलम

गौरा चौकी गोंडा – 1857 की क्रांति में अंग्रेजों से लोहा लेने वाले वीर योद्धा राजा अशरफ बक्श की क्षेत्र में जो पहचान मिलनी चाहिए वह शायद अभी तक नहीं मिल पाई है | न तो उनके नाम से कोई रोड का नामांकरण किया गया और न गौरा चौकी चौराहे को उनके नाम से नामांकरण किया गया यहां तक कि इनका गांव कस्बा खास जहां इनकी कोर्ट लगती थी वह भी अंग्रेजो की तोप गोलों से खंडहर में तब्दील हो गई थी, उसको भी न तो धरोहर के रूप में घोषित किया गया और ना ही सरकार द्वारा पर्यटन स्थल के रूप मे विकसित किया गया | कहीं न कहीं इतने बड़े स्वतंत्रता संग्राम सेनानी को आजादी के 75 साल बीत जाने के बाद भी वह सम्मान नहीं मिला जो सम्मान मिलना चाहिए | कस्बा खास के युवा समाजसेवी मकसूद अहमद ने बताया कि बहुत सरकारे आई गई लेकिन किसी ने उनकी तरफ ध्यान नहीं दिया और सरकारी उपेक्षा का शिकार बना रहा |
जिले के कुछ ही चुनिंदा ऐसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानी है जिनकी वीर गाथा पढ़ने पर आंख से आंसू निकल पड़ते हैं, ऐसे ही क्रांतिकारी राजा अशरफ बख्श थे जिन्होंने 1857 की क्रांति में आखिरी सांस तक अंग्रेजों के विरुद्ध लड़ते लड़ते देश के लिए शहीद हो गए | अपना राज पाट घर परिवार सब देश के लिए कुर्बान कर दिया आज वही क्रांतिकारी क्षेत्र में अपनी एक पहचान का मोहताज बना है, सिर्फ ब्लॉक मुख्यालय गौरा चौकी के अशोक चक्र शिलापट पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के साथ उनका नाम दर्ज है | एक वीर योद्धा के रूप में जो पहचान मिलनी चाहिए वह यह महान क्रांतिकारी राजा अशरफ बक्स अभी भी महरूम हैं |

More Stories

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

Translate »
error: Content is protected !!