प्रशिक्षणार्थियों से लिया फीडबैक
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मोहम्मद सुलेमान/ राकेश कुमार सिंह
गोंडा । महाराजा देवी बख्श सिंह इंटर कॉलेज बेलसर में उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी लखनऊ संस्कृत विभाग उत्तर प्रदेश के सहयोग से ग्रीष्मकालीन संस्कार गीतों की प्रस्तुति परक 15 दिवसीय कार्यशाला में छठे दिवस पर्यावरण संरक्षण गीत- अमवां न काटेव इमिलिया न काटेव, काटेव न महुआ कै डारी हो… के द्वारा पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यशाला के दौरान प्रशिक्षणार्थियों से विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला एवं मंडलीय अध्यक्ष अजीत सिंह ने फीडबैक लिया और कहा कि समाज से अवधी संस्कार गीत विलुप्त से हो रहे हैं इन्हें आप सबको सीख करके और लोगों को अवधी गीत के प्रति जागरूक कर समाज में इन्हें पुनः स्थापित करना होगा। इस अवसर पर मुख्य प्रशिक्षक शिवपूजन शुक्ला ने प्रशिक्षणार्थियों को ऋतु गीत की विभिन्न विधाओं जैसे चैता, कजरी, सावन, होरी गीत की बारीकियों बताते हुए उनका प्रशिक्षण दिया। हरीश द्विवेदी ने ढोलक एवं विकास पांडेय ने बांसुरी पर अपनी मनमोहक प्रस्तुति दिया । इस दौरान अवधी कवि एवं लेखक शिवपूजन शुक्ला ने अपनी स्वरचित रचना “चरनवा कै धूर “को प्रधानाचार्य को भेंट किया। इस अवसर पर रुचि शर्मा, तुषा शुक्ला, अर्चना, शिखा तिवारी, मनीष चौहान,शिवानी, रागिनी दुबे, रिया सिंह, नेहा, साक्षी आदि उपस्थित रहे।
