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October 3, 2026

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राम राज्य की अवधारणा में ई-पास मशीन से राशन वितरण एक विकल्प है क्या?अंधेरा चिराग तले है

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रिपोर्ट.रमेश कुमार मिश्र….

तरबगंज गोण्डा।
सरकार की सोच बहुत अच्छी है जिसका कोई जोड़ नहीं है।जिस तरह से सरकार पीडीएस प्रणाली के तहत गरीब,पात्र परिवारों को मुफ्त खाद्यान्न योजना के तहत राशन वितरित कर रही है,यह सिर्फ रामराज की परिकल्पना नहीं है तो और क्या है?

रामराज की दूसरी परिकल्पना: उपभोक्ताओं को भ्रष्टाचार से मुक्ति दिलाने के लिए सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत गरीबों की बोरियों में शत-प्रतिशत खाद्यान्न ई-पास मशीन के माध्यम से भरने का आदेश जारी किया कि फरवरी माह से सभी को ई-पास से राशन दिया जाएगा।मशीन के माध्यम से शत-प्रतिशत सटीक माप के साथ खाद्यान्न वितरण की योजना बनायी गयी.यह रामराज की परिकल्पना का दूसरा प्रयोग था।

लेकिन आज कई जगहों पर गोपनीय सर्वे कराया गया तो पता चला कि ई-पास मशीन किसी तांत्रिक ने गायब कर दी है सब जगह पुरानी मशीन से ही कार्य हो रहा है घटतौली का पुराना आलम कायम है राशन वितरण में अद्भुत जादू दिखाया जा रहा है। मालिक से बड़ा जादूगर कोई नहीं हो सकता.एक पब्लिक ने अपना नाम न छापने की शर्त पर आंखों में आंसू भरकर बताया कि राशन में अंधाधुंध कटौती की जा रही है वो भी खुलेआम है किसी का कोई डर नही है यह रामराज की परिकल्पना तो है ही इसे मूषकराज की परिकल्पना भी कहा जा सकता है।

हालांकि चुनावी माहौल होने के कारण अधिकारी आचार संहिता का पालन कराने में व्यस्त हैं.अधिकारियों का क्या दोष दोष तो उन उपभोक्ताओं का है जो भीष्म पितामह की तरह सिर झुकाकर मूषक विद्या का खेल देख रहे हैं और ये जादूगर खेल अच्छा दिखा रहे हैं कुछ भी बोलने की हिम्मत नही है अगर गलती से बोल दिया तो जो पाँच किलो की जगह तीन मिल रहे है वो भी खत्म हो जायेगे किससे कहोगे अपनी पीड़ा कोई सुनने वाला नही सब एक दूसरे के चट्टू बट्टू बने हुए है।
ये कब सुधरेंगे क्या प्रकृति या सरकार उनकी आजीविका छीनने वालों को जवाबदेह ठहराएगी यह एक बहुत बड़ा प्रश्न है और इस प्रश्न में जंग की बहुत मोटी परत जमी हुई है, इसे कौन साफ ​​करेगा यह विचारणीय प्रश्न है।जनता और जनता की शिकायतों पर ऐसा लगता है कि हम भ्रष्टन के भ्रष्ट हमारे।आँखो में आँसू लिए गरीब जनता जो जिम्मेदारो/जवाबदेह अधिकारियों से अनुरोध कर सवाल पूंछ रही है।
सरकार को इसकी तह में जाकर ही कड़ा एक्शन लेना होगा।अन्यथा यह मूषकराज,की परंपरा को यह दुकानदार पीढ़ी दर पीढ़ी बढ़ाते रहेंगे।


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