संतान में संस्कारों का बीजारोपण होना चाहिए —––मिथिलाशरण
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गोण्डा शिवदयाल गंज के कटरा कुटी पीठ पर चल चल रही नौ दिवसीय श्री राम कथा के पांचवें दिन कथा व्यास मिथिलाशरण पांडे ने राम वन गमन का भावपूर्ण प्रसंग सुना कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया !
कथा व्यास ने कहा कि एक तरफ राजगद्दी और दूसरी तरफ 14 वर्ष का वनवास लेकिन फैसला लेने में प्रभु ने भी समय नहीं लगाया ! कथा व्यास ने कहा कि ऐसे समय पर फैसला लेने से जरा सा भी डगमगाना नहीं चाहिए ,और धैर्य कभी भी नहीं छोड़ना चाहिए ! व्यास जी ने संदेश देते हुए कहा कि हम लोग निष्काम भक्ति नहीं करते सकाम भक्ति करते हैं ! संतान में उदार भाव का बीजारोपण होना चाहिए ! उदार मनुष्य इस लोक में भी प्रतिष्ठा पाता है देवलोक में भी! दशरथ जैसे राजा और अन्य राजाओं ने अपने उदार भाव के कारण पृथ्वी और देवलोक में प्रतिष्ठा पाई थी ,जिससे इंद्र ने भी युद्ध में सहायता मांगी थी !
हनुमान चालीसा के साथ कथा का समापन किया गया इस अवसर पर कथा के मुख्य अजमान डॉक्टर सुशीला रानी पांडे पत्नी राममणि पांडे ,कथावाचक चंद्र किशोर शास्त्री ,कथा वाचक लव महाराज ,कथावाचक भुनेश्वर शास्त्री ,कथावाचक विकास पांडे, पीठाधीश्वर स्वामी चिन्मयानंद महाराज, डॉ अरुण सिंह ,डॉक्टर कुमार ,विनोद कुमार गुप्ता , विनोद सिंह, प्रवीण सिंह विनोद गुप्ता आज बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे!
