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डॉक्टर सूफिया लखनऊ हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर की आई फ्लू से संबंधित सवालों का जवाब व बचाव के उपाय 

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अशफाक आलम
गौरा चौकी (गोंडा) युगनव टाइम्स लाइव / क्षेत्र में तेजी से फैल रहे आई फ्लू वायरस के बारे में लखनऊ हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर की डॉक्टर सूफिया ने आई फ्लू बीमारी से संबंधित आम सवालों के जवाब दिया और उनके बचाव के उपाय भी बताए l

उन्होंने बताया कि आई फ्लू आंखों का इन्फेक्शन है। इसे कंजंक्टिवाइटिस, पिंक आई, रेड आई भी कहते हैं। वैसे आमतौर की भाषा में इसे आंखों का आना बोलते हैं।

आंखों में यह इन्फेक्शन, कंजंक्टिवा की सूजन का कारण बनता है। कंजंक्टिवा क्लियर लेयर होती है, जो आंख के सफेद भाग और पलकों की आंतरिक परत को कवर करती है।

इसमें आंखों के सफेद हिस्से में इन्फेक्शन फैल जाता है। जिससे पेशेंट को देखने में काफी परेशानी होती है। यह इन्फेक्शन पैदा करने वाले वायरस की वजह से किसी को भी हो सकता है।

सवाल: आई फ्लू क्या छूने से फैलता है?
जवाब: हां, ये एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

मान लीजिए, एक आंख में कंजंक्टिवाइटिस है। उसे हाथ से छूने के बाद उसी हाथ से दूसरी आंख छू ली, तो ये उसमें भी हो जाएगा। अगर उसी हाथ से आपने दूसरे व्यक्ति को छू लिया, तो उसमें भी इसके होने का रिस्क बढ़ जाता है।

यही वजह है जो आई फ्लू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।

सवाल: आई फ्लू क्यों होता है?
जवाब: मानसून में कम टेम्प्रेचर और हाई ह्यूमिडिटी की वजह से लोग बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी के कॉन्टेक्ट में आते हैं। यही एलर्जिक रिएक्शन्स और आई इन्फेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस का कारण बनते हैं।

सवाल: क्या आई फ्लू का इन्फेक्शन सिर्फ बैक्टीरिया और वायरस से ही होता है?
जवाब: नहीं। आई फ्लू कई तरह का है। जो कई अलग-अलग कारणों से आंखों को नुकसान पहुंचाता है-

आंखों को बचाएं आई फ्लू से,
1.आंखों को बार-बार न छुएं और न ही रगड़ें।

2.आंखों से पानी निकले तो उसे साफ टिशू पेपर या रुमाल से पोछे।

3.दिन में 2-3 बार गर्म रुमाल से आंखों की सिंकाई करें।

4.आंखों में किसी दूसरे का इस्तेमाल किया हुआ मेकअप न लगाएं।

5.बाहर निकलने पर चश्मा लगाकर निकलें।

6.हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करते रहें।
7. साफ पानी से दिन में 3-4 बार आंखों में छीटें मारें।
8.कॉन्टेक्ट लेंस लगाने से बचें।
9.पब्लिक प्लेसेस और स्विमिंग पूल पर जाने से बचें।
10.दिन में एक बार आंखों गुलाब जल की 2-2 बूंदें डालें।

सवाल: आई फ्लू क्यों होता है?
जवाब: मानसून में कम टेम्प्रेचर और हाई ह्यूमिडिटी की वजह से लोग बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी के कॉन्टेक्ट में आते हैं। यही एलर्जिक रिएक्शन्स और आई इन्फेक्शन जैसे कंजंक्टिवाइटिस का कारण बनते हैं।

सवाल: क्या आई फ्लू का इन्फेक्शन सिर्फ बैक्टीरिया और वायरस से ही होता है?
जवाब: नहीं। आई फ्लू कई तरह का है। जो कई अलग-अलग कारणों से आंखों को नुकसान पहुंचाता है-

आंखों को बचाएं आई फ्लू से,
1.आंखों को बार-बार न छुएं और न ही रगड़ें।

2.आंखों से पानी निकले तो उसे साफ टिशू पेपर या रुमाल से पोछे।

3.दिन में 2-3 बार गर्म रुमाल से आंखों की सिंकाई करें।

4.आंखों में किसी दूसरे का इस्तेमाल किया हुआ मेकअप न लगाएं।

5.बाहर निकलने पर चश्मा लगाकर निकलें।

6.हाथों को समय-समय पर सैनिटाइज करते रहें।
7. साफ पानी से दिन में 3-4 बार आंखों में छीटें मारें।
8.कॉन्टेक्ट लेंस लगाने से बचें।
9.पब्लिक प्लेसेस और स्विमिंग पूल पर जाने से बचें।
10.दिन में एक बार आंखों गुलाब जल की 2-2 बूंदें डालें।

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