बात-बात पर ‘साहेब’ FIR दर्ज करवाने को तैयार दिखते हैं। असहमति, सवाल और आलोचना—इन सबको देश द्रोह मानते हैं—– नेहा सिंह राठौर
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लोक गायिका और सामाजिक मुद्दों पर मुखर रहने वाली नेहा सिंह राठौर ने अपने बयान में सत्ता की कार्यशैली पर तीखा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आज हालात ऐसे बन गए हैं जहाँ बात-बात पर ‘साहेब’ FIR दर्ज करवाने को तैयार दिखते हैं। असहमति, सवाल और आलोचना—इन सबको अपराध मान लेने की प्रवृत्ति लोकतंत्र की सेहत के लिए खतरनाक है।
नेहा का कहना है कि डर और धमकी के सहारे समाज को चुप नहीं कराया जा सकता। खास तौर पर उन्होंने महिलाओं का ज़िक्र करते हुए कहा कि बेटी-बहुओं को धमकाना बंद होना चाहिए। सवाल पूछना, सच बोलना और अपनी बात रखना किसी भी नागरिक का संवैधानिक अधिकार है, न कि अपराध। अगर हर सवाल के जवाब में मुकदमे होंगे, तो संवाद की जगह सन्नाटा और डर ले लेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि सत्ता की ताकत सहनशीलता में दिखती है, न कि दमन में। सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन जनता की आवाज़ हमेशा रहती है। आलोचना से घबराने के बजाय उसे सुनना और उससे सीखना लोकतंत्र को मजबूत करता है।
नेहा सिंह राठौर का यह संदेश साफ है—कानून का इस्तेमाल सुरक्षा के लिए हो, खामोशी थोपने के लिए नहीं। समाज को डर से नहीं, भरोसे और संवाद से आगे बढ़ाया जा सकता है।
