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तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी व लिपिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज

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शमसुद्दीन सिद्दीकी
झिलाही बाजार गोंडा। जिले में अनियमित तरीके से मदरसों क़ी मान्यता देने व कई वर्षो तक फर्जी शिक्षकों क़ो मानदेय दिलाने वाले अधिकारी व लिपिक के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण संगठन के अधिकारी द्वारा मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
प्रकरण जनपद गोंडा के मदरसों से जुड़ा है। प्रभारी निरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन धनंजय सिंह ने कोतवाली नगर में अल्पसंख्यक विभाग के दो जिम्मेदारों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराया है। जिसमें जनपद गोंडा के तत्कालीन अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह निवासी ग्राम देवरा थाना गोसांईगंज जनपद अयोध्या व कनिष्ठ लिपिक शमीम अहमद निवासी मुन्नन खां चौराहा निकट सदभावना पुलिस चौकी गोंडा का नाम शामिल है।

गोंडा के सांसद कीर्तिवर्धन सिंह के पत्र पर हुई कार्रवाई

अधिकारी द्वारा दी गई तहरीर में कहा गया है की सांसद कीर्तिवर्धन सिंह द्वारा वर्ष 2018 में पुलिस महानिदेशक भ्रष्टाचार निवारण संगठन क़ो पत्र भेजा गया था। जिसमे जनपद गोंडा के अल्पसंख्यक विभाग में संगठित भ्रष्टाचार व्याप्त होने क़ी शिकायत क़ी गई थी। पत्र में कहा गया था क़ी जिले में 870 मदरसे पंजीकृत हैं, जिसमे 350 मदरसों क़ी मान्यता कागजों में दिखाकर करीब 800 शिक्षकों का मानदेय कई वर्षो से निकाले जाने का आरोप लगाया गया था।

जांच में अनियमितता हुई उजागर

जांच सम्पादित होने पर पाया गया क़ी अप्रैल 2013 से मई 2015 तक अमरजीत सिंह अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे। उन्होने अपने कार्यकाल में तत्कालीन कनिष्ठ लिपिक शमीम अहमद से मिलीभगत कर अवैध लाभ अर्जित करते हुए मदरसों क़ी मान्यता दिलाने सहित कई अन्य कार्य कराये। जिसमे 357 मदरसों क़ी पत्रावलियों क़ी सूची निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग क़ो प्रेषित किया जाना पाया गया। लेकिन मूल डिस्पैच रजिस्टर से मात्र 58 पत्रावलियों का मिलान होना पाया गया। यही नहीं 357 मदरसों का भौतिक व स्थलीय सत्यापन करने पर 126 मदरसे मौके पर नहीं मिले।

नोटिस भेजनें के बाद भी नही उपलब्ध कराया गया अभिलेख

लिपिक शमीम अहमद द्वारा तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह से मिलीभगत करके विभिन्न योजनाओं से संबंधित अभिलेख व मदरसों का डिस्पैच पंजिका अपने पास रखा गया है। जिसके क्रम मे भ्रष्टाचार निवारण संगठन मुख्यालय उत्तर प्रदेश व जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी द्वारा बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी शमीम अहमद द्वारा अभिलेख नहीं उपलब्ध कराया गया है। इस संबंध में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर ने बताया क़ी मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई प्रारम्भ कर दी गई है।

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