सपा के प्रदेश अध्यक्ष के आने से पहले रवींद्र पाल डिस्चार्ज,भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष ने किया छोटू की साझा क्रिमिनल हिस्ट्री
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अयोध्या: फैजाबाद गन्ना विकास सहकारी समिति में निदेशक पद के नामांकन के दिन मारपीट कॉल लेटर राजनीति गर्माने लगी है। घायल समाजवादी पार्टी के रवींद्र पाल छोटू को शनिवार की रात जिला चिकित्सालय प्रशासन ने डिस्चार्ज कर दिया। निदेशक पद के चुनाव में नामांकन के दिन सत्ता पक्ष के लोगों ने उसकी पिटाई कर दी थी। जिला चिकित्सालय में उसका इलाज चल रहा था। सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल को रविवार को जिला चिकित्सालय में मिलने का कार्यक्रम जैसे जारी हुआ। सत्तापक्ष में बढ़ी बेचैनी के साथ सरकारी अमले में हलचल तेज हो गई। अगले दिन उसे देखने जिला चिकित्सालय न पहुंच जाएं, उससे बचने के लिए जबरिया डिस्चार्ज करने का आरोप सपा नेताओं ने सत्तापक्ष के इशारे पर भाजपा को आरोपित किया है। सपा व भाजपा में इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमता नहीं दिखता। हालांकि सायं छह बजे तक समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की लोकेशन सुल्तानपुर के एक कार्यक्रम में सर्किट हाउस में मौजूद नेताओं को रही। सायं पांच बजे पार्टी ने मीडिया को प्रदेश अध्यक्ष से पत्रकार वार्ता के लिए बुलाया था।
इस बीच भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश पांडेय बादल उसका आपराधिक इतिहास लेकर सामने आ गये। अपने दावे के साक्ष्य के तौर पर उसे साझा किया जिसमें आठ मुकदमें उसके विरुद्ध महराजगंज थाना में दर्ज है। गुंडा एक्ट भी है। बादल ने कहाकि समाजवादी पार्टी अपने राजनीतिक हित के लिए छोटू जैसे अपराधी किस्म के उन लोगों को संरक्षण देती है जिसके विरुद्ध छेड़खानी व चोरी का अपराध दर्ज हैं। कहा, फैजाबाद गन्ना समिति के निदेशक पद के चुनाव में वह प्रत्याशी भी नहीं था। ऐसे में उसकी उपस्थिति फैजाबाद गन्ना समिति में निदेशक पद के नामांकन में सवाल खड़ा करती है।
