राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत लगाया गया मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कैंप।
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प्रमोद कुमार पांडेय
तरबगंज।
आज की भाग दौड़ भरी जीवन शैली के कारण लोगों में मानसिक बीमारियां बढ़ती जा रही है इन्हीं मानसिक बीमारियों की पहचान कर लोगों से उनका बचाव करने के लिए राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जिला चिकित्सालय गोंडा के चिकित्सकों द्वारा तरबगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर मानसिक स्वास्थ्य परीक्षण कैंप का आयोजन सोमवार को किया गया।
कैंप के माध्यम से जिला अस्पताल गोंडा की मनोज चिकित्सा डॉक्टर आकांक्षा शंकर द्वारा बताया गया कि लोगों में शारीरिक बीमारियों के लक्षण तो आसानी से दिखाई पड़ जाते हैं और लोग उसका इलाज भी अच्छी तरीके से करवा कर स्वस्थ हो जाते हैं। लेकिन लोगों का मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक न होने के कारण आसानी से मानसिक बीमारियों का पता लोगों को नहीं चल पाता जिससे कि लोगों के स्वभाव में चिड़चिड़ापन और अनिद्रा जैसी बीमारियां होने लगती है जो कि आगे चलकर अवसाद जैसी भयंकर बीमारियों का रूप ले लेती है। ऐसे में लोगों का मानसिक बीमारियों के प्रति जागरूक होना और उसके लक्षण को पहचान कर समय से इलाज करवाना एक स्वस्थ जीवन शैली के लिए अत्यंत भी आवश्यक है। मानसिक बीमारियों के लक्षणों के बारे में पूछे जाने पर डॉक्टर आकांक्षा ने बताया कि लोगों का स्ट्रेस में रहना अधिक चिंता करना स्वस्थ भोजन न लेना अत्यधिक मोबाइल व कंप्यूटर का चलाना और अन्य इलेक्ट्रानिक को उपकरणों के उपयोग करने से लोगों में मानसिक बीमारियों का होना ज्यादा संभव है। ऐसे में लोगों को चाहिए कि भरपूर मात्रा में शुद्ध और स्वस्थ भोजन करें तथा परिवार के लोगों से मिलकर एक दूसरे से बातचीत कर और संपूर्ण नींद लेने के साथ एक स्वस्थ जीवन शैली अपने से मानसिक रोगों से बचा जा सकता है।
कैंप में मनोज चिकित्सक डॉक्टर आकांक्षा शंकर सहित मनोचिकित्सक कार्यकर्ता उमेश कुमार मनोज और साइकाइट्रिक नर्सिंग ऑफिसर कमल मिश्रा अधीक्षक नवनीत गौरव सिंह स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी नरेंद्र प्रताप सिंह सहित अन्य अस्पताल के कर्मचारी उपस्थित रहे।
