मंदिर के गर्भ गृह में चढ़ी पुलिस,कब्जा न छोड़ने पर अड़ा एक पक्ष,असहाय प्रशासन ने बुलाई 2 तारीख को जन चौपाल
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उमरी बेगमगंज ( युगनव टाइम्स लाइव ) बाराही मंदिर में पूजागृह की कब्जेदारी को लेकर विवाद गहराता चला जा रहा है। शनिवार की सुबह एक पक्ष की महिला पुजारियों ने मंदिर के गर्भ गृह में जाकर पूजा पाठ करना शुरू कर दिया जिससे प्रशासन ने हरकत में आकर दोनों पक्षों को समझने में जुटा रहा। एक बार महिला पुलिकर्मियों ने दोनों पक्षों को नीचे उतार कर स्वयं श्रद्धालुओं का चढ़ावा लेना शुरू कर दिया। परंतु बाद में एसडीएम विशाल कुमार के समझाने पर एक पक्ष ने मौके की गंभीरता समझ कर दो तारीख की होने वाली चौपाल तक मामले को रोक दिया।
जानिये क्या है मामला
उमरी थाने के अंतर्गत मुकुंदपुर ग्राम सभा में स्थित मां बाराही का विशाल मंदिर व बाग पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ लल्ला भैया के गाटा संख्या 1397 व उसके खसरे में सैकड़ो साल से दर्ज है। लल्ला भैया ने एक अरसे से स्थानीय पूरी आराजी बेलसर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी अनिरुद्ध सिंह के खानदान को सौंप रखी थी जो कि वर्तमान में उन्हीं के पुत्र 92वर्षीय रामपाल सिंह पूरे परिसर में दुकानों की व्यवस्था व मंदिर में महंत राघव दास व महंत योगेंद्र दास से पूजा अर्चना करवाते चले आ रहे हैं।
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के घराने के रामपाल सिंह का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का चौड़ीकरण तथा इस रास्ते पर पड़ने वाले पौराणिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कराने का निर्णय आने के बाद लोगों में बाराही मंदिर के प्रति लोगों में अटूट आस्था का प्रबल हुई है। इन स्थितियों को देखकर अयोध्या के रहने वाले 84 कोसी परिक्रमा करने वाले गया दास बाबा ने यहां की एक युवती रामादेवी को आगे कर तरबगंज तहसील में एक फर्जी ट्रस्ट रजिस्ट्री कराकर स्वयं ट्रस्टी बनकर रामादेवी को मंदिर पर बैठा दिया। इसके बाद सिविल कोर्ट में एक रिट दाखिल कर लल्ला भैया , रामपाल सिंह, महंत राघव दास, महंत योगेंद्र दास ,महंत मनीष सैनी, महंत ज्ञानेश्वर सैनी व अन्य पुजारियों को उनके पूजा पाठ करने में व्यवधान उत्पन्न करने का आरोप लगाकर एकतरफा स्टे प्राप्त कर लिया। हालांकि कब्जा परिवर्तन का आदेश न होने के बाद भी इसी स्टे के आधार पर तत्कालीन एसडीम व क्षेत्राधिकारी संसार सिंह राठी तथा थानाध्यक्ष उमरी संजीव कुमार वर्मा ने एक तरफा करवाई करते हुए मेला व्यवस्थापक व सभी पुजारियों को मेला प्रांगण से बाहर कर दिया। क्षेत्रवासियों में असंतोष फैलने पर वहां पर भारी मात्रा में फोर्स भी तैनात कर दिया।
10 माह बाद आया न्यायालय का निर्णय
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष संगम लाल दुबे तथा विद्वान अधिवक्ता अखंड सिंह की दलीलें सुनकर 30 मई को अपना निर्णय देते हुए सिविल जज सीनियर डिवीजन ने स्टे सहित पूरा दावा खारिज कर केस को दाखिल दफ्तर कर दिया।
कथित साध्वी को दो कंपनी पीएसी की सुरक्षा मिलना सवालों के घेरे में
बेलसर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानी घराने के पूर्व प्रधान प्रतिनिधि रज्जन बाबा का कहना है कि गया दास द्वारा बनाए गए ट्रस्ट सहित पूरा दावा खारिज होने के बाद भी स्थानीय पुलिस प्रशासन ने कथित साध्वी रामादेवी को सुरक्षा प्रदान करते हुए मंदिर परिसर में दो कंपनी पीएसी तैनात कर दी। जिससे वह मंदिर छोड़ने को राजी नहीं हो रही है। उनका कहना है कि पूर्व थानाध्यक्ष संजीव वर्मा ने निजी मित्रता की वजह से मात्र एक व्यक्ति की सुरक्षा में दो कंपनी पीएसी लगाना पूरी तरह सवालों के घेरे में है। अभी भी प्रशासन बिना वजह विवाद को तूल देकर एक पक्षीय की कार्रवाई कर रहा है।
फर्जी है गया दास की दावेदारी
विश्व हिंदू परिषद के सचिव तथा 84 कोसी परिक्रमा के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह कहना है कि बाराही देवी मंदिर में गया दास ने फर्जी ट्रस्ट बनाकर वहां पर अराजकता फैला दी है। स्थानीय प्रशासन की कार्यवाही पूरी तरह संदिग्ध है ।इस संबंध में शीघ्र मुख्यमंत्री तथा डीएम से वार्ता करेंगे। गयादास का दावा पूरी तरह से फर्जी है।मैं वहां अरसे से बाबू राम पाल सिंह के संपर्क में रहा हूं उन्हीं के तत्वाधान में मंदिर सुचारू रूप से चला रहा है।
इनसेट
2 जुलाई की होगी थाना प्रांगण में बैठक
उप जिलाधिकारी विशाल कुमार ने बताया कि 2 जुलाई को दोनों पक्षों के लोगों को स्थानीय थाना प्रांगण में बुलाया गया है। मीटिंग के संबंध में डीएम साहब को भी सूचित कर दिया गया है। जो भी निर्णय होगा उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी
