राजनीतिक दल का विरोध करें भगवान राम का नहीं – आचार्य प्रमोद कृष्णम
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अयोध्या युगनव टाइम्स लाइव
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी मेहमान अयोध्या पहुंच चुके हैं। इस बीच अयोध्या पहुंचे कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि इस देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं होते तो ये काम कभी नहीं हो पाता। इसके साथ ही समारोह का निमंत्रण ठुकराने वालों पर कहा कि आप किसी राजनीतिक दल से लड़ें लेकिन राम से ना लड़ें।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की तरफ से निमंत्रण देने का काम किया गया था। इसके बावजूद विपक्ष के कई सारे लोग अयोध्या नहीं गए हैं। हालांकि कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम आज थोड़ी ही देर पहले अयोध्या पहुंचे हैं। इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि ये सनातन की सत्ता और रामराज्य की पुनर्स्थापना का दिन है। सदियों के परिश्रम और ऋषियों महामुनियों की त्याग, तपस्या और बलिदान के बाद ये शुभ घड़ी आई है कि हम इस समारोह के साक्षी बने हैं। अगर इस देश के प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी नहीं होते तो ये नहीं हो पाता।
राजनीतिक दल का विरोध करें भगवान राम का नहीं
वहीं राम मंदिर का निमंत्रण ठुकराए जाने के सवाल पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि जो लोग विरोध कर रहे हैं उनके लिए कहना चाहता हूं कि वो किसी राजनीतिक पार्टी का विरोध करें भगवान राम का विरोध ना करें। किसी राजनीतिक दल से लड़ें राम से ना लड़ें। क्योंकि राजनीतिक दल से लड़कर उसे हराया जा सकता है राम को नहीं हराया जा सकता है, सनातन को नहीं हराया जा सकता है, भारत को नहीं हराया जा सकता है और राम भारत की आत्मा हैं। उन्होंने कहा कि ये गौरव का दिन है। एक दीपावली तब मनी थी जब भगवान राम लंका फतह करके आए थे और एक दीपावली आज मनेगी जो उससे भी बड़ी दीपावली है।इससे पहले कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कांग्रेस पार्टी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के न्योते को ठुकराने पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी थी. इसे लेकर उन्होंने कहा था कि पार्टी को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए. कांग्रेस नेता आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा था- “मंदिर तो राम का है और राम भारत के हैं. राम के बिना भारत की कल्पना भी नहीं की जा सकती है. राम मंदिर के कार्यक्रम को अस्वीकार करना उचित नहीं था, इस पर एक बार फिर पुनर्विचार करना चाहिए.”
हाल ही में आचार्य प्रमोद कृष्णम अयोध्या पहुंचे थे और वह मीडिया से बात करते हुए राम मंदिर के उद्घाटन को लेकर भावुक हो गए थे. इस दौरान उन्होंने कहा था कि न जाने कितनी आखें ये सपना देखने के लिए बंद हो गई हैं, 22 जनवरी को भारत में रामराज्य के स्थापना की तारीख है. बता दें कि अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और अधीर रंजन चौधरी को निमंत्रण भेजा गया था. हालांकि कांग्रेस पार्टी द्वारा प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के निमंत्रण को ठुकरा दिया था।
