राजकीय महाविद्यालय सेहमो बस्ती की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर गोष्ठी का आयोजन किया गया
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मोहम्मद सुलेमान
बस्ती ! राजकीय महाविद्यालय सेहमों, बस्ती की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डा० अतुल कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डा० श्याम मनोहर पाण्डेय रहे, उन्होंने स्वयं सेवक एवं स्वयं सेविकाओं और उपस्थित छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि 10 दिसम्बर, 1948 को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा विश्व के समस्त मानवों के सार्वभौमिक मानवाधिकार की घोषणा की गयी थी। आज विश्व के अनेक देशों में मानव के मानवाधिकारों को कुचला जा रहा है, मानव को गरिमापूर्ण जीवन जीने के अधिकार से वंचित किया जा रहा है, यह विश्व शान्ति और सहअस्तित्व के लिए ठीक नहीं है। फलस्तीन और इजराईल संघर्ष के विषय में सभी को विस्तार से समझाया और कहा कि युद्ध किसी भी समस्या का हल नहीं है, शान्ति से बातचीत और समझौता का मार्ग ही उत्तम मार्ग है।
संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे महाविद्यालय के प्राचार्य डा० अतुल कुमार पाण्डेय ने संगोष्ठी में सभी को सम्बोधित करते हुए कहा कि यु्द्ध से विश्व तबाह हो जाएगा। वर्तमान दौर युद्ध से नहीं शान्ति, न्याय, समानता से चलेगा।आगे उन्होंने कहा कि मदर टेरेसा हमारे देश में उदाहरण हैं, जिन्होंने मानव मातृ की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। सभी को किसी के अधिकारों पर चोट नहीं पहुंचानी चाहिए। राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के कार्यक्रम अधिकारी रिज़वान अहमद ने सार्वभौम मानव अधिकार के विषय में बताया, साथ ही संयुक्त राष्ट्र संघ के 17 सतत् विकास लक्ष्यों को 2030 तक कैसे प्राप्त करें? उसमें हम सबकी भूमिका कैसी हो? इस पर प्रकाश डाला। आगे उन्होंने 2023 मानवाधिकार दिवस की थीम- ‘सभी के लिए स्वतंत्रता, समानता और न्याय’ से परिचित कराया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन कार्यक्रम अधिकारी रिज़वान अहमद ने किया इस अवसर पर डा० आनन्द कुमार पाण्डेय, डा० अरिदीप मुखर्जी, डा० प्रीति वर्मा, श्री शैलेन्द्र कुमार, श्री मोहित सोनी, डा० कृष्ण कान्त मिश्र, विमलेश कुमार श्रीवास्तव, कमलेश कुमार, वीरेन्द्र कुमार रिंकू आदि उपस्थित रहे।
