नैनो यूरिया एवं नैनो डी.ए.पी. भविष्य के उर्वरक …..डी.सी.ओ. मोहम्मद सुलेमान मोतीगंज गोंडा। गन्ना विकास परिषद गोण्डा के ग्राम केशवपुर पहाड़वा (चीनी मिल मैज़ापुर) मे इफको व गन्ना विकास परिषद गोण्डा के तत्वाधान मे नैनो यूरिया व नैनो डी.ए.पी. विषयक एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए इफको के जिला प्रवंधक डी.के. सिंह ने नैनो तरल यूरिया व नैनो तरल डी.ए.पी. के उपयोग का तरीका बताते हुए इसे भविष्य का उर्वरक बताया। गोष्ठी मे उपस्थित जिला गन्ना अधिकारी गोण्डा सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नैनो तकनीक से बनी नैनो यूरिया एवं नैनो डी.ए.पी. की फसल उपयोग दक्षता ठोस उर्वरकों की अपेक्षा कहीं अधिक है । ठोस उर्वरकों की फसल उपयोग दक्षता जहाँ मात्र 25 से 30 प्रतिशत होती है वही तरल नैनो उर्वरकों की 80 से 90 प्रतिशत होती है । जिला गन्ना अधिकारी ने किसानो से नैनो उर्वरकों का प्रयोग करने का अनुरोध किया । ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गोण्डा सुनील कुमार शुक्ल ने गोष्ठी मे उपस्थित कृषको को बताया कि पेराई सत्र 2023-24 मे किसानो को पर्चियां केवल एस. एम.एस. के माध्यम से उनके मोबाइल पर मिलेगी , इसके लिए आकश्यक है कि ई.आर.पी. पर किसानो का सही मोबाइल न0 दर्ज हो , इस हेतु उन्होंने किसानों से अपील की है वो अपने मोबाइल न0 की जांच अवश्य कर लें और गलत होने की दशा मे अपने गन्ना पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर उसे दुरस्त करा ले ताकि उन्हें पर्ची मिलने मे परेशानी न हो। साथ ही अपने इनबॉक्स को खाली रखे। गोष्ठी मे मैज़ापुर चीनी मिल के सी.डी.ओ. संदीप पाण्डेय , इफको के डेमोस्टेटर धर्मेंद्र प्रताप सिंह, राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक रोशनी, रंजीत व विजय तथा चीनी मिल के कर्मचारी, संतोष शुक्ला सुरेश शुक्ला, राम अनुज ,तरुण सिंह, राधे श्याम , सुरेंद्र अवस्थी, संजय शुक्ल, रंजीत सिंह, राघवेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
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मोहम्मद सुलेमान
मोतीगंज गोंडा। गन्ना विकास परिषद गोण्डा के ग्राम केशवपुर पहाड़वा (चीनी मिल मैज़ापुर) मे इफको व गन्ना विकास परिषद गोण्डा के तत्वाधान मे नैनो यूरिया व नैनो डी.ए.पी. विषयक एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए इफको के जिला प्रवंधक डी.के. सिंह ने नैनो तरल यूरिया व नैनो तरल डी.ए.पी. के उपयोग का तरीका बताते हुए इसे भविष्य का उर्वरक बताया। गोष्ठी मे उपस्थित जिला गन्ना अधिकारी गोण्डा सुनील कुमार सिंह ने बताया कि नैनो तकनीक से बनी नैनो यूरिया एवं नैनो डी.ए.पी. की फसल उपयोग दक्षता ठोस उर्वरकों की अपेक्षा कहीं अधिक है । ठोस उर्वरकों की फसल उपयोग दक्षता जहाँ मात्र 25 से 30 प्रतिशत होती है वही तरल नैनो उर्वरकों की 80 से 90 प्रतिशत होती है । जिला गन्ना अधिकारी ने किसानो से नैनो उर्वरकों का प्रयोग करने का अनुरोध किया । ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गोण्डा सुनील कुमार शुक्ल ने गोष्ठी मे उपस्थित कृषको को बताया कि पेराई सत्र 2023-24 मे किसानो को पर्चियां केवल एस. एम.एस. के माध्यम से उनके मोबाइल पर मिलेगी , इसके लिए आकश्यक है कि ई.आर.पी. पर किसानो का सही मोबाइल न0 दर्ज हो , इस हेतु उन्होंने किसानों से अपील की है वो अपने मोबाइल न0 की जांच अवश्य कर लें और गलत होने की दशा मे अपने गन्ना पर्यवेक्षक से सम्पर्क कर उसे दुरस्त करा ले ताकि उन्हें पर्ची मिलने मे परेशानी न हो। साथ ही अपने इनबॉक्स को खाली रखे। गोष्ठी मे मैज़ापुर चीनी मिल के सी.डी.ओ. संदीप पाण्डेय , इफको के डेमोस्टेटर धर्मेंद्र प्रताप सिंह, राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक रोशनी, रंजीत व विजय तथा चीनी मिल के कर्मचारी, संतोष शुक्ला सुरेश शुक्ला, राम अनुज ,तरुण सिंह, राधे श्याम , सुरेंद्र अवस्थी, संजय शुक्ल, रंजीत सिंह, राघवेंद्र सिंह आदि किसान मौजूद रहे।
