महीनों से बंद सामुदायिक शौचालय , केयर टेकर ने प्रधान को ठहराया जिम्मेदार।
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गौरव यादव
महीनों से बंद सामुदायिक शौचालय
केयर टेकर ने प्रधान को ठहराया जिम्मेदार।
परी स्वयं सहायता समूह द्वारा संचालित शौचालय
ग्राम पंचायत हरवंशपुर के अधिकांश लोग बाहर खेतों में शौच जाने को मजबूर
नवाबगंज (गोंडा) नवाबगंज थाना क्षेत्र के हरिवंश पुर गाँव में बना सामुदायिक शौचालय बीते 05 माह से बंद पड़ा है। जिससे ग्राम के अधिकांश लोग खुले में शौच जाने को मजबूर हो गए हैं। इस संबध में शौचालय की केयर टेकर संगीता पत्नी राजेश ने ग्राम प्रधान को जिम्मेदार ठहराया है । और अन्य आरोप भी लगाएं हैं। बताते चले कि यह शौचालय वर्ष 2021 के मार्च माह में शुरू हुआ था और परी स्वयं सहायता समूह को हैंडओवर किया गया था। यहां पर संगीता पत्नी राजेश केयर टेकर के रूप में तैनात हैं। बीते कई माह से शौचालय बंद है। संगीता ने कहा कि शौचालय का टैंक छोटा होने के कारण भर चुका है, ग्राम प्रधान दुर्गेश पांडे से कई बार कहा गया लेकिन उन्होंने कोई जिम्मेदारी लेना मुनासिब नहीं समझा। शौचालय में बिजली का कनेक्शन नहीं है काफी दिनों तक बिजली के खंभे से कटिया लगाकर शौचालय चलाया गया , बीते 02 साल में संगीता को कुल 54000 रुपये ग्राम प्रधान द्वारा दिये गये हैं।संगीता का कहना है कि ग्राम प्रधान से जब इन समस्याओं के बारे में कहा तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया और बोले कि जैसा चल रहा है वैसे चलाओ अभी पैसा नहीं है काम करना हो तो करो नहीं छोड़ दो।
जिम्मेदारों के बोल
वही ग्राम प्रधान का कहना है कि उनके स्तर से जो होना चाहिए उन्होंने कर दिया है अब सारी जिम्मेदारी सचिव की है जब इस संबध में रामप्रकाश से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि शौचालय अब एक दिखावा साबित हो रहा है जब गड्ढे भर गए हैं तो साफ सफाई हो नहीं सकती बहुत ही दुर्गंध आती है जिससे वहां जाने को लोग तैयार नहीं है । वही गांव के जिनको का कहना है की आपस की लड़ाई में शौचालय दिखावा साबित हो रहा है । गांव की श्रीमती का कहना है की शौचालय बंद होने से महिलाएं बाहर जाने को मजबूर हो गई हैं सरकार की योजना हर घर में शौचालय होने की थी परंतु अगर हर घर में नहीं है और गांव में एक शौचालय बना था तो वह भी सुचारू रूप से नहीं चल पा रहा है जिससे महिलाओं को बाहर जाने पर मजबूर होना पड़ रहा है। संगीता पत्नी राजेश के इस कथन के बाद की मानदेय नहीं मिल रहा है न ही सफाई का ध्यान दिया जा रहा है ऐसे में गांव में शौचालय एक दिखावा साबित हो रहा है ।ग्राम पंचायत के सचिव पप्पू सिंह यादव से पता किया गया तो केयर टेकर के भुगतान और शौचालय के संचालन के संबध में कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए। फिलहाल हर माह केयर टेकर का मानदेय , शौचालय के रख-रखाव के नाम पर निकाला गया वो कहा है इसका जवाब किसी के पास नहीं है पैसा का भुगतान और शौचालय का पुनः संचालन अधर में है। इस पर कोई संतोष जनक जवाब किसी के पास नहीं है ।
