शिक्षकों की मनमानी से वेंटिलेटर पर है बच्चों की शिक्षा। गौरव यादव
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गौरव यादव
नवाबगंज (गोण्डा) शासन द्वारा भीषण गर्मी को देखते हुए परिषदिय विद्यालयों में को सुबह 07 बजे से 12:30 तक संचालित करने का आदेश जारी किया गया है जिससे कि शिक्षक और बच्चों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके। शासन द्वारा मिड-डे मिल, मुफ्त किताबें, ड्रेस आदि पर भी पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा है। सामान्य परिषदिय विद्यालयों में शासन के दिशानिर्देश के हिसाब से ही पठन-पाठन होता है लेकिन बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में स्थित परिषदिय विद्यालयों में शिक्षा-दीक्षा बाढ के समय भी प्रभावित रहती है और यहां अध्ययनरत बच्चों को पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए सामान्य विद्यालयों की अपेक्षा कम समय मिलता है ऐसे में यदि शिक्षक भी लापरवाही करें तो फिर बच्चों की शिक्षा तो वेंटिलेटर पर पंहुचेगी ही। शिक्षा क्षेत्र नवाबगंज के बाढ़ग्रस्त गाँव दुल्लापुर के मल्लहन पुरवा प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक अपनी मनमर्जी से विद्यालय चल रहे हैं और उनकी शय पर अन्य शिक्षक मौज काट रहे हैं। बुधवार की सुबह 07 बजे विद्यालय के गेट पर ताला लटक रहा था कुछ बच्चे विद्यालय के बाहर खड़े होकर गुरूजी का इंतजार कर रहे थे तो कुछ चाहरदीवारी फांद कर अंदर जा रहे थे। विद्यालय में प्रधानाध्यापक कौशलेंद्र प्रताप सिंह सहित दो अन्य अध्यापिका कुसुम और निकिता जायसवाल और तीन रसोइया भी तैनात हैं। एक घंटे के इंतजार के बाद 08 बजे एक बच्चा कहीं से चाभी लेकर आया और गेट का ताला खोला। 8:15 पर प्रधानाध्यापक विद्यालय पंहुचे जबकि अन्य दोनो शिक्षिकाएं और रसोइया नदारद ही दिखी। प्रधानाध्यापक ने अपनी सफाई में बताया कि वह स्कूल आये थे फिर विद्यालय के काम से बाजार गये थे लेकिन किस कार्य से गए थे यह नहीं बता पाये। बच्चों ने बताया कि सभी शिक्षक रोज देर से आते हैं जिससे बच्चों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। बच्चों ने बताया कि मिड-डे मील में उन्हे कभी दूध नहीं दिया गया। गांव के लोगों ने शिक्षकों के मनमौजी रवैये पर नाराजगी जाहिर की साथ ही बच्चों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाये हैं।प्रधानाध्यापक ने बताया लगभग 10:30 पर फोन पर हुई बातचीत में बताया कि शिक्षिका कुसुम अभी विद्यालय में आई हैं जबकि निकिता जायसवाल के बारे में कोई सूचना नहीं मिली है। बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने कहा कि लापरवाही से कार्य करने वाले शिक्षकों के विरूद्ध जांच कर नियमानुसार कडी कारवाई की जायेगी।
