गोंडा: भाजपा सांसद की भी नहीं सुनता विद्युत विभाग, कई बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं लग सका ट्रांसफार्मर
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गोंडा: भाजपा सांसद की भी नहीं सुनता विद्युत विभाग, कई बार पत्र लिखने के बाद भी नहीं लग सका ट्रांसफार्मर
आलोक कुमार ओझा
नवाबगंज (गोंडा) युगनव टाइम्स लाइव / थाना क्षेत्र के हरदवा गांव के रुदवापुर गांव में ट्रांसफार्मर की क्षमता वृद्धि करने को लेकर गांव के लोगों ने लगातार स्थानीय सांसद कीर्तीवर्धन सिंह को पत्र लिखकर गुहार लगाया पर करीब एक साल बीत जाने को है, अब तक कोई व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो सकी। जबकि यह मजरा दलित बाहुल्य क्षेत्र में आता है पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है, बिजली विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा स्थानीय निवासी परेशान होकर विभाग से पुनः बिजली विभाग से ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि की मांग की है।
हरदवा गांव के रुदवापुर गांव दलित बाहुल्य क्षेत्र में आता है,इस मामले मे इस गांव की आबादी करीब दौ सौ लोग रहते हैं इन सभी के बीच १० के वी ए का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। जो कि इन लोगों के लिए नाकाफी साबित हो रहा है गांव के लोगों ने स्थानीय भाजपा सांसद कीर्ती वर्धन सिंह सहित बिजली विभाग के अधिकारियों को पत्र देकर ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि करने की लगातार गुहार लगाया है, पर करीब एक साल बीत जाने को है स्थानीय बिजली विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रहा है स्थानीय निवासी रामगोपाल तिवारी ने कहा कि गांव के तमाम लोगों ने संयुक्त पत्र देकर बिजली विभाग व सांसद को बिजली बेहतरी के लिए गुहार लगाई थी।
स्थानीय सांसद ने बिजली विभाग को पत्र लिखकर निर्देशित किया था पर विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ता दिख रहा है जबकि विभाग के अधीक्षण अभियंता गोंडा रामनरेश ने जेई को निर्देशित किया था पर गांव के लोगों की माने स्थानीय जेई मौके पर ना खुद आये और ना ही किसी कर्मचारी को भेजा ना ही योजना के तहत किसी भी प्रकार जांच ना होने से बिजली विभाग क्षमता वृद्धि ट्रांसफार्मर नहीं लग सका जिससे चिलचिलाती धूप में लोग बिजली की समस्या जूझ रहे हैं तथा ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि नहीं हो पाया है। गांव के इस मजरे के लोगों की समस्यायों का क्या होगा अभी भी यक्ष प्रश्न बना हुआ है इस गांव के रहने वाले रामसुआरथ सुकयी जोखू त्रिभुवन मेशराम रामजग सियाराम नीबर बृजपाल मुनेश्वर आदि तमाम लोग ट्रांसफार्मर क्षमता वृद्धि के लिए विभाग का चक्कर लगा रहे हैं नहीं हो रही सुनवाई।
