नमस्कार,युगनव टाइम्स लाइव में आपका हार्दिक अभिनंदन हैं, यहां आपकों 24×7 के तर्ज पर पल-पल की अपडेट खबरों की जानकारी से रूबरू कराया जाएगा,खबर और विज्ञापन के लिए संपर्क करें- +91 9956313999,हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें साथ ही फेसबुक पेज को लाइक अवश्य करें।धन्यवाद

Yugnav Times live

Hindi News, Breaking News in Hindi, हिंदी न्यूज़ , Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest News in Hindi,Yugnav Times

मंडल मुख्यालय पर विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के सेवानिवृत्त अध्यापकों तथा कर्मचारियों की एक बैठक, आंदोलन की रूपरेखा तय

1 min read

 2,483 views

गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) मंडल मुख्यालय पर विश्वविद्यालय स्थापना को लेकर लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय के सेवानिवृत्त अध्यापकों तथा कर्मचारियों की एक बैठक रामलो अविवि, अयोध्या शिक्षक संघ महामंत्री प्रो.जितेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में विज्ञान परिसर में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सेवानिवृत्त शिक्षक व कर्मी भी ऑक्टा महामंत्री तथा एलबीएस कॉलेज शिक्षक संघ द्वारा संचालित आंदोलन को समर्थन देंगे। यह भी कहा गया कि यदि गोंडा मुख्यालय पर विश्वविद्यालय स्थापित होगा तो सेवानिवृत्त शिक्षक आवश्यकता पड़ने पर अवैतनिक रूप से शिक्षण कार्य करने को तत्पर होंगे। बैठक में आए शिक्षकों कर्मचारियों को संबोधित करते हुए डॉ. ओंकार पाठक ने कहा कि बलरामपुर के लोग चाहे जितना जोर लगा लें, विश्वविद्यालय गोंडा मंडल मुख्यालय पर ही स्थापित होगा। इसके लिए जो रणनीति बनाई गई है उस पर अगले कुछ दिनों में कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। डॉ. डी के गुप्ता ने कहा कि बलरामपुर के लोग भ्रम फैला रहे हैं, किंतु अपनी योजना में सफल नहीं होगे। बलरामपुर में विश्वविद्यालय की स्थापना तर्क हीन है। डॉ. पी एन लाल ने कहा कि सबसे पहले मैंने ही सन 2000 में यहां पर विश्वविद्यालय की मांग की थी, जिसे अखबारों ने छापा भी था। यह भी कहा कि जब देवीपाटन के नाम से गोंडा में मंडल की स्थापना हो सकती है तो विश्वविद्यालय की क्यों नहीं। डॉ. संतराम मिश्रा ने कहा कि गोंडा की केंद्रीय अवस्थिति यहां विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सर्वथा उपयुक्त है। डॉ मिथिलेश मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा से संबंधित सर्वोच्च प्रतिष्ठान शीर्षस्थ केंद्र पर ही स्थापित होना चाहिए। डॉ जीएल प्रजापति ने कहा कि यदि गोंडा की महत्ता ना होती तो यहां देवीपाटन मंडल ही स्थापित न होता। राधे श्याम त्रिपाठी ने कहा कि कैबिनेट का निर्णय है कि विश्वविद्यालय मंडल मुख्यालय पर ही स्थापित हो। इसी के मद्देनजर डोमा कल्पी में विश्वविद्यालय स्थापना की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। मंगल प्रसाद ने कहा कि हम तन मन धन से संघर्ष के लिए तैयार हैं। एके नंद ने कहा कि भौगोलिक, राजनीतिक, प्रशासनिक व जनहित की दृष्टि से गोंडा ही विश्वविद्यालय के लिए उपयुक्त है। अर्जुन वर्मा, विष्णु प्रसाद, अयोध्या प्रसाद ने भी अपने विचार रखे।सेवानिवृत्त शिक्षकों कर्मचारियों का उत्साहवर्धन करने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य आर के पांडे, प्रोफेसर गण संजय पांडे, मंसाराम वर्मा, मुकुल सिन्हा,मनीष शर्मा, पुष्यमित्र मिश्र, संतोष श्रीवास्तव, शिशिर त्रिपाठी, अवधेश वर्मा, अच्युत शुक्ला, मनीष मोदनवाल, विजय सिंह, आशीष चौधरी, अनुराधा, शोभित मौर्य, सुखदेव, राम बचन आदि मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि विज्ञान परिसर पहुंचने पर सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों का अंग वस्त्र भेंट कर ऑक्टा महामंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने स्वागत किया। डॉ सिंह ने इस सहयोग के लिए सभी का धन्यवाद भी ज्ञापित किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

प्रमुख खबरे

Translate »
error: Content is protected !!