फर्जी बैनामे के जांच की आंच तरबगंज तक आना लगभग तय ,
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सूत्रों की माने एस आई टी के पास पहुंची शिकायतें
गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) फर्जी बैनामा व वसीयत के मामले में जांच का दायरा बढ़ गया है। रजिस्ट्री दफ्तर के बाद तहसील के अधिकारी व कर्मचारी जांच से घिर गए हैं। डीआईजी ने मामले के आरोपियों पर कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को पत्र लिखा है।
जालसाजों ने कूटरचित अभिलेखों से सिर्फ जमीनों का बैनामा ही नहीं कराया, बल्कि मृत हो चुके लोगों के नाम से फर्जी वसीयत भी करवाई। जांच में 14 मामले मिले, जिसमें हेराफेरी की गई। इनकी जिल्द संख्या बदल दी गई। निलंबित सब रजिस्ट्रार सुधा यादव की ओर से डीआईजी को भेजी गई रिपोर्ट में इस हेराफेरी का खुलासा हुआ है।
जिले के चार रजिस्ट्री दफ्तरों गोंडा सदर, करनैलगंज व मनकापुर व तरबगंज में फर्जी बैनामा व वसीयत बनाने में बड़े स्तर पर खेल हुआ। जिले के अलावा बस्ती, आजमगढ़, बलिया और गोरखपुर तक के लोगों की फर्जी वसीयत यहां बनाई गई। रिंकी की शिकायत पर जांच हुई। तो फ़र्जी वाड़े का खुलासा शुरू हुआ ।जिसमें कई दर्जन कूटरचित बैनामे भी सामने आए ।जिसमें अब तक चार वकील सहित कुल 5 व्यक्ति गिरफ्तार किए जा चुके है ।फर्जी बैनामे बनाने को लेकर जिले में अब तक 47 मुकदमे दर्ज कराए जा चुके हैं। अधिकतर मामलों की जांच एसआईटी कर रही है। डीआईजी के स्तर से भी जांच कराई जा रही है। कूट रचित दस्तावेज तैयार कर दूसरों की जमीन हड़पने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब इन बैनामों की दाखिल खारिज करने वाले अफसरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। डीआईजी उपेंद्र अग्रवाल ने दाखिल खारिज करने वाले अफसरों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने के लिए जिला अधिकारी को पत्र भेजा है।
बैनामा घोटाला की जांच हो रही है। हर बिंदु की जांच हो रही है, दोषियों पर कार्रवाई होगी।
