शीत लहर एवं अन्य आपदाओं से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा आयोजित की गई कार्यशाला
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गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) बढ़ती सर्दी और शीत लहर तथा अन्य आपदाओं से बचाव को लेकर जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा जिला पंचायत सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया।
अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व सुरेश कुमार सोनी की अध्यक्षता में आयोजित कार्यशाला में जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश श्रीवास्तव द्वारा ठण्ड से बचाव के लिए गाइड लाइन यानी ठण्ड से बचाव को लेकर क्या करें, क्या न करें के बारे में विस्तार से बताया गया है।
इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी ने भूकंप, आकाशीय विद्युत तथा संभावित कोविड के दृष्टिगत तमाम सुझाव दिए।
आपदा विशेषज्ञ ने बताया कि ठण्ड से बचाव को लेकर हमें लगातार समाचार पत्रों, रेडियो एवं टीवी के माध्यम से मौसम की जानकारी लेते रहें। कान, नाक व गले को ढक कर रखें। कई परत वाले गर्म कपड़े पहनें। कमरे को गर्म रखने के लिए जलावन यानी लकड़ी का प्रयोग कतई न करें क्योंकि इससे कमरे में धुआं फैलने का खतरा उत्पन्न हो जाता है। कोयले की अंगीठी, हीटर या ब्लोअर आदि का प्रयोग आप कर सकते हैं लेकिन सावधानी बरतते हुए। कमरे की खिड़कियां खोल के रखें ताकि अंगीठी से उत्पन्न जहरीले धुएं से आपको नुकसान न हो तथा कमरे में आक्सीजन की कमी भी न होने पावे। घर के अन्दर सुरक्षित रहें। जब तक बहुत आवश्यक न हो तब तक घर से बाहर न निकलें। स्नान हेतु गरम पानी का प्रयोग करें। विशेष परिस्थितियों के लिए ईंधन बचाकर रखें। शरीर को गरम रखने हेतु पेय पदार्थों एएवं पौष्टिक आहार का सेवन करते रहें। शरीर के अंगों का सुन्न होना, हाथ पैर, कान पर सफेद या पीले रंग के दाग पड़ने पर तुरनत डाक्टर से सम्पर्क करें। शराब या मदिरा का सेवन न करें क्योंकि यह शरीर के तापमान को कम कर देता है। कंप कपी को नजर अंदाज न करें तुरन्त डाक्टर से सम्पर्क करें और सबसे जरूरी बात यह कि अपने पशुओं को रात में ढक कर रखें तथा उन्हें सड़कों पर न चराएं।
कार्यशाला में नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल तथा अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
