शिक्षा विभाग डाल डाल अवैध विद्यालय पात पात
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नोटिस मिलने के बाद भी धड़ल्ले से कर रहे हैं प्रचार प्रसार
नवाबगंज गोण्डा युगनव टाइम्स क्षेत्र में चल रहे तमाम अवैध गैर मान्यता प्राप्त विद्यालय फली भूत हो रहे हैं परंतु शिक्षा विभाग के कान में जू नहीं रेंग रहा है लोग चोरी चुपके से अवैध विद्यालय संचालित कर रहे हैं तथा स्टेशनरी की दुकान से ड्रेस की दुकान से मोटी कमाई की वसूली कर रहे हैं। वही बच्चों का भी भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालय में बच्चों को जूता मोजा मध्याहन भोजन की व्यवस्था दी जा रही है। नामांकन यू डायस पर करके अपार आईडी बनाई जा रही है तथा मान्यता प्राप्त विद्यालय में भी सभी बच्चों का यू डाइस पर नामांकन कर पैन नंबर जनरेट किया जा रहा है जबकि क्षेत्र में तमाम अवैध विद्यालय ऐसे संचालित हो रहे हैं जिन बच्चों को कहीं नामांकन नहीं हुआ है ऐसे बच्चों का क्या भविष्य होगा अवैध स्कूल संचालन करने वालों को कोई फर्क नहीं पड़ता है अवैध स्कूलों के कारण कई समस्याएं होती हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं:
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की कमी:
अवैध स्कूलों में अक्सर योग्य शिक्षकों और पर्याप्त संसाधनों की कमी होती है। अच्छे खेल का मैदान पुस्तकालय आदि का नं होना । इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पाती है और उनका भविष्य खतरे में पड़ जाता है।
इन स्कूलों में पाठ्यक्रम भी अक्सर अधूरा और पुराना होता है, जिससे छात्रों को आधुनिक ज्ञान और कौशल नहीं मिल पाते हैं।
असुरक्षित वातावरण:
अवैध स्कूलों में सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं किया जाता है। इससे छात्रों को शारीरिक और मानसिक रूप से नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है।
इन स्कूलों में अक्सर साफ-सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाओं की कमी होती है, जिससे छात्रों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
मान्यता प्राप्त योग्यता प्राप्त करने में असमर्थता:
अवैध स्कूलों से प्राप्त योग्यता को मान्यता नहीं मिलती है। इससे छात्रों को उच्च शिक्षा और रोजगार के अवसरों में कठिनाई होती है।
इन स्कूलों के छात्र अक्सर बोर्ड परीक्षाओं में बैठने के लिए भी योग्य नहीं होते हैं, जिससे उनका भविष्य अंधकारमय हो जाता है।
अवैध स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करना बहुत जरूरी है ताकि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके।अवैध विद्यालय बंद करने के निर्देश शासन से दिए जा चुके हैं वही जनपद गोंडा के नवाबगंज में आदेश आने के बाद भी चोरी चुपके लोग अपने-अपने विद्यालयों का प्रचार प्रसार प्रारंभ कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार कुछ विद्यालयों को नोटिस भी थमाई गई है परंतु उक्त विद्यालय संचालक अच्छी साठ गाँठ बनाकर विद्यालय संचालन कर फलीभूत हो रहे हैं। नगर के एक विद्यालय को विद्यालय बंद करने शिक्षा विभाग द्वारा आदेश जारी किया गया जिस पर उक्त विद्यालय संचालक द्वारा विद्यालय बंद कर दिया गया है ऐसा ऐसा लिखित आश्वासन भी दिया गया परंतु पुनः जांच में संचालक की साठ गाँठ से संचालक को पूर्व में ही विभाग के आगमन की सूचना हो जाने पर विद्यालय बंद कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जांचकर्ता को रास्ते में छात्र दिखाई दे गये परंतु ऐसे संचालक भी नए सत्र में भी बच्चों का भविष्य बर्बाद करने में तत्पर दिख रहे हैं इसे शिक्षा विभाग का सांठ गाँठ कहा जाए यह संचालकों की या संचालकों की अच्छी पकड़ ? क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिकारी इस संबंध में जब नगर शिक्षा अधिकारी कोमल यादव से बात किया गया तो उन्होंने बताया सभी स्कूलों को नोटिस दे दिया गया है और उच्च अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है इसके बावजूद अगर वह संचालन करते पाए गए तो शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
