सहकारी समितियों पर डाई खाद की मात्रा आपर्याप्त, खाली हाथ लौट रहे किसान
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अशफाक आलम
गौरा चौकी गोंडा – किसानों ने धान की कटाई के बाद अब रवि फसल की बुवाई की तैयारी शुरू कर दी है क्षेत्र में डीएपी खाद की किल्लत है ऐसे में किसानों की तिलहन और दलहन फसल की बुवाई या तो लेट हो रही है या फिर किसान बाजार से अधिक दामों पर खाद लेने के लिए मजबूर हैं ।
बभनजोत क्षेत्र में कुल 10 कोऑपरेटिव सोसाइटी हैं और दसों कोऑपरेटिव सोसाइटी चालू हालत में है । कोल्ही गरीब की सहकारी समिति बनगवा पर ढाई मेट्रिक टन, अलीपुर सहकारी समिति पर ढाई मेट्रिक टन तथा हथियागढ़ सहकारी समिति पर 5 मेट्रिक टन अपर्याप्त मात्रा में डाई खाद आई थी जो सोमवार को बटकर समाप्त हो गई ।कुछ किसानों को को डीएपी खाद मिला बाकी सारे लोग खाली हाथ वापस लौटना पड़ा । किसानों की दलहन तिलहन आलू जो की बुवाई का समय निकाला जा रहा है खाद की किल्लत का आलम यह है कि प्राइवेट विक्रेता से महंगे दामों पर भी डीएपी खाद मिलना मुश्किल हो रहा है । कोल्ही गरीब सहकारी समिति के अध्यक्ष जयचंद मौर्य व सचिव राजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि ढाई सौ बोरी डीएपी की खाद आई थी वह सोमवार को बट कर समाप्त हो गया अब और खाद के लिए उच्च अधिकारियों को सूचना दे दी गई है ।
इस संबंध में जब बभनजोत खंड विकास अधिकारी ओम प्रकाश सिंह यादव से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि कुछ सहकारी समिति पर डीएपी खाद बट रही है बुधवार को देवरिया मद्दो और हथियागढ़ सहकारी समिति पर खाद आएगी और जिन समितियां पर अभी डीएपी खाद नहीं आई है उस पर भी जल्द खाद उपलब्ध कराई जाएगी ।
