एडीएम अपने सरकारी आवास में मृत मिले
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अयोध्या: प्रोन्नति के बाद पहली बार अपर जिलाधिकारी (कानून व्यवस्था) के पद पर सुरजीत सिंह की तैनाती जिले में हुई। संयोग देखिये 24 अक्टूबर 2023 में इसके लिए जिले में योगदान दिया। ठीक एक वर्ष बाद 24 अक्टूबर को निधन हो गया। सुरसरि कालोनी के अपने सरकारी आवास में मृत मिले। आवास में अकेले रहते थे। दिसंबर 2025 को वह सेवानिवृत्त हो जाते। सरकारी सेवा में 14 महीने बचे थे। कानपुर नगर के गणेशनगर मैं परिवार रहता है। मूल जिला फर्रुखाबाद रहा।राम मंदिर विवाद के चलते शासन एडीएम (कानून व्यवस्था) व मदिर मजिस्ट्रेट का पद सृजन किया था। सिर्फ राम मंदिर क्षेत्र के कानून व्यवस्था के प्रति उनकी जवाबदेही रही। कलेक्ट्रेट में इसे साइड की पोस्टिंग माने जाने के बावजूद वह सरकारी सेवा की अंतिम पारी में अयोध्या में तैनाती से बहुत खुश थे। वह अपनी तैनाती को रामकाज के लिए सौभाग्यशाली बताते थे। एडीएम पद पर प्रोन्नति से पहले वह प्रतापगढ़ जिले में डिप्टी कलेक्टर रहे। एडीएम विशेष भूमि अध्याप्ति अरुणमणि तिवारी के साथ एक ही कक्ष में बैठते थे। तिवारी कहते हैं कि किसी प्रकार का उनमें लोभ- लालच नहीं रहा। प्रशासनिक हनक दिखाने के भी वह कायल नहीं रहे। अचानक निधन की खबर सुन वह भी आवास पहुंचे। कलेक्ट्रेट के अधिकारी व कर्मचारी भी आवाक रहे। सभी उनके आवास पर पहुंचना शुरू हुए। शोक जताते हुए सभी ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उप्र मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ राजकपूर श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शोकसभा में दो मिनट का मौन रख उनकी आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई।
