वरिष्ठ नागरिक और सरकार
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वरिष्ठ नागरिक और सरकार
भाजपा सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के साथ सौतेला व्यवहार किया है। इस मंहगाई के दौर में सरकारी कर्मचारियों, सांसद, विधायक, मंत्री आदि की वेतन वृद्धि, मंहगाई भत्ते आदि बढा़ते हुए उन्हें आर्थिक सुविधा व लाभ पहुँचाया परन्तु वरिष्ठ नागरिकों को जो काँग्रेस सरकार ने दिल्ली में 70वर्ष से ऊपर नागरिक के लिए पेंशन योजना के तहत ₹2500 निर्धारित किया था उसमें आज तक कोई बढ़ोत्तरी नहीं की है बल्कि रेलवे में यात्रा करते समय जो आर्थिक सहयोग के तौर पर किराये में रियायत दी जा रही थी वह भी छीन ली।
इस कमर तोड़ मंहगाई में वरिष्ठ नागरिक किस प्रकार अपना जीवन गुजार रहा है इस पर सरकार ने सोचने की जरुरत नहीं समझी। लगता है जैसे आजकल के कलयुगी बेटे माता पिता के त्याग तपस्या, लाड़ प्यार को तिलांजलि देते हुए बेघर करके वृद्धा आश्रम में छोड़ आते हैं उसी तरह केंद्र सरकार के लिए भी वरिष्ठ नागरिक गैर जरूरी हो गये हैं इसलिए वे सरकार को दिखाई नहीं पड़ते हैं।
जुलाई 2023में अखिल भारतीय समाज सेवा दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं महान समाज सेवक श्री ज्ञान चंद गर्ग जी ने “सत्य प्रकाश टाइम्स “के माध्यम से माननीय प्रधानमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट करते हुए वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन प्रति माह ₹5000करने की माँग (सिफारिश) की थी। परन्तु सरकार ने उसपर कोई ध्यान नहीं दिया और वरिष्ठ नागरिकों उनके हाल पर छोड़ दिया।
अब समय आ गया है वरिष्ठ नागरिकों को सोचना है कि कौन उनकी सुरक्षा, सहयोग के लिए तैयार है, कौन उनका हित सोच रहा है? इस उम्र में कौन उन्हें सहारा देने को तैयार है अथवा दिया है। अपने मताधिकार का प्रयोग सोच समझ कर करें और अपने मताधिकार का सदुपयोग अवश्य करें।
