मुख्तार अंसारी के शूटर जीवा को कोर्ट में भूना आरोपी की पहचान विजय यादव के रूप में हुई
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लखनऊ कुख्यात अपराधी मुख्तार अंसारी के शूटर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की कैसरबाग स्थित कोर्ट में बुधवार दोपहर पेशी के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस गोलीबारी में मुख्तार अंसारी का करीबी और ब्रह्मदत्त द्विवेदी मर्डर केस में आरोपी संजीव उर्फ जीवा की हत्या कर दी गई है. बताया जा रहा है कि हत्यारा वकील के कपड़ों में आया था. इस गोलीबारी में एक बच्ची समेत तीन लोग घायल हुए हैं. जिसमें एक पुलिसकर्मी भी शामिल है. जो बच्ची घायल है. उसका नाम लक्ष्मी बताया जा रहा है. वह डेढ़ साल की है. घायल सिपाही का नाम लाल मोहम्मद है. सिपाही के पैर में गोली लगी है.
क्या सनसनीखेज वारदात हाई कोर्ट यस सी एफ टी सी कोर्ट में हुआ गोलियों की तड़तड़ाहट से पूरा कोर्ट परिसर सन्न रह गया. हर कोई भागने लगा. जब संजीव जीवा को गोली मारी गई, तब वह पुलिस की सुरक्षा में था. उसके आस-पास करीब 20 पुलिस वाले मौजूद थे. वकील की रूप में आए हत्यारे ने अपने मंसूबों को अंजाम देने के बाद वहां से भागने की कोशिश की. हालांकि, वहां मौजूद वकीलों ने उसे घेर लिया और पकड़कर पुलिस के हाथ थमा दिया.
पुलिस ने आरोपी हत्यारे को गिरफ्तार कर लिया है. संजीव माहेश्वरी जीवा के हत्यारे की पहचान विजय यादव के रूप में हुई है. वह जौनपुर जिले का कैराकत गांव का रहने वाला है. पुलिस आरोपी की और पहचान उजागर करने में लगी हुई है. उसके क्राइम हिस्ट्री की भी पड़ताल की जा रही है। बच्ची को आईसीयू में शिफ्ट किया । केजीएमयू ट्रामा सेंटर के प्रभारी डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि हादसे में घायल एक बच्ची को भर्ती किया गया है। बच्ची की उम्र करीब डेढ़ साल है। बच्ची के चेस्ट में गोली फंसी है। जिसकी वजह से छेद में से हवा निकल रही थी। ऐसे में चेस्ट में नली लगाई गई है। बच्ची को तुरंत पीडियाट्रिक आईसीयू में शिफ्ट कराया गया है। फिलहाल बच्ची की स्थिति तनावपूर्ण लेकिन कंट्रोल में है। एक्सपर्ट डॉक्टरों का पैनल द्वारा बच्ची का इलाज किया जा रहा है। शरीर में फंसी गोली निकालने को लेकर बच्ची की कंडिशन के अनुसार फैसला लिया जायेगा। वहीं, एक और महिला आई है जिसके हाथ में हल्की चोट लगी है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि आरोपी जौनपुर के केराकत निवासी विजय यादव ने बीकॉम किया हुआ है। वह कई महीने से मुंबई में एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता था। तीन महीने पहले ही वह मुंबई से वापस अपने घर आया और फिर वापस नहीं गया। आरोपी के परिजनों ने अपने बयान में बताया कि बेटा विजय कभी कोई अपराधिक मामलों नहीं आया है। वह बहुत सीधा साधा है, उसने ऐसा क्यों किया है, कुछ नहीं पता। वहीं, पुलिस अब आरोपी से हत्या के मकसद के बारे में पूछताछ में जुटी हुई है।
कोर्ट और कचहरी में भी कोई नहीं है सुरक्षित- अखिलेश
दिनदहाड़े हुई संजीव जीवा की हत्या पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि हम इस बारे में कुछ कहेंगे तो आप कहेंगे कि हमारी पार्टी ने उन्हें मरवा दिया. साथ ही उन्होंने कहा कि मुद्दा ये नहीं है कि किसने मारा है? मुद्दा ये है कि किस जगह मारा गया है. योगी राज में कोई भी कोर्ट, कचरहरी, हॉस्पिटल कोई भी स्थान सुरक्षित नहीं है ।
आखिर क्यों नहीं पहनी बुलेट प्रूफ जैकेट
जीवा की हत्या सवालिया घेरे में हैं। जीवा को बुलेट पू्रफ जैकेट में अदालत में पेश किए जाने के आदेश थे, लेकिन उसे बिना जैकेट के अदालत में पेश किया गया। जीवा के वकीलों का कहना है कि जीवा समेत अन्य बड़े अपराधियों को भी बुलेट प्रूफ जैकेट में ही अदालत में पेश किया जाता था, लेकिन बुधवार को बिना बुलेट प्रूफ जैकेट में अदालत में लाया गया। जिससे आरोपी ने आसानी ने वारदात को अंजाम दे दिया।
