गोंडा ( युगनव टाइम्स लाइव ) नदियां हमारी प्यास बुझाती हैं। नदियों को हम सभी पूजते हैं। इसलिए नदियों को स्वच्छ रखना हमारी जिम्मेदारी बनती है। उक्त विचार सामाजिक कार्यकर्ता घनश्याम जायसवाल लोगों को जागरूक करते हुए कहीं ।
नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए हमें प्लास्टिक की थैलियां, बोतल या अन्य सामग्री नदियों में या उनके किनारे नहीं फेंकना चाहिए। इससे कचरा उड़कर नदियों में चला जाता है। नदियों को साफ रखना चाहिए। नदियों में सिर्फ मिट्टी की ही मूर्तियां विसर्जित करनी चाहिए। मूर्तियों में प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें। हमारा हमेशा प्रयास होना चाहिए जिस प्रकार हम सब अपने घरों में कूड़ा करकट नहीं होने देते हैं । उसी प्रकार कूड़ा करकट नदियों को प्रदूषण करने वाली सामग्री नदियों में भी नहीं जाना चाहिए। मान्यता है कि गंगा पापों को धो देती है। इसलिए लोग शवों को नदी में बहा देते हैं। इससे नदी प्रदूषित हो जाती है। नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सभी को जागरूक होना होगा। सामाजिक कार्यकर्ता घनश्याम जायसवाल हमेशा ही स्वच्छता को लेकर लोगों को जागरूक करते रहते हैं इतना ही नहीं पर्यावरण प्रेमी घनश्याम जायसवाल द्वारा विकासखंड पलसर के विभिन्न सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों सहित तरबगंज बाजार में सैकड़ों की संख्या में पौधरोपण किए थे जो आज बड़े होकर ब्रिज बन गए हैं और इस भीषण गर्मी में लोग उसके छाया में आराम फरमाते देखे जा सकते हैं घनश्याम जायसवाल का कहना है जितना हम प्राकृतिक के प्रति सजग रहेंगे उतना ही हमारा देश विकास करेगा और खुशहाली के रास्ते पर चलेगा इसलिए हर आदमी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है की पर्यावरण के प्रति सजग रहें अधिक से अधिक पौधरोपण करें जिससे शुद्ध ऑक्सीजन प्राप्त हो प्राण दाता वायु से ही जीवन संभव है नदियां जीवनदायिनी है इसलिए हम लोगों का करतब बनता है की नदियों में ऐसी कोई वस्तु ना डालें जिससे नदियों में प्रदूषण फैला और हम सबकी जिम्मेदारी है कि नदियों को साफ और स्वच्छ बनाने में आगे आए। घनश्याम जायसवाल का मानना है कि नदियों का प्रदूषण लोगों को जागरूक कर कम किया जा सकता है।