गोंडा( युगनव टाइम्स लाइव) स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार चाहे जितनी भी जतन कर ले वह कुत्ते
की दुमकी कहावत की तरह वैसे की वैसे ही बनी हुई है।शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती। गोण्डा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मुजेहना पर संजय कुमार अपने 11 वर्षीय बेटे कुशाग्र का इलाज कराने अस्पताल आया था।संजय कुमार ने चिकित्सक पर दवा बाहर से खरीदने का आरोप लगाया है । संजय कुमार ने बताया कि उसने एक रूपये की पर्ची ली और डॉक्टर संजय को अपने पुत्र को दिखाया।डॉक्टर ने बिमारी ठीक करने के लिए पर्चा तो बना दिया लेकिन काउंटर पर दवाई न होने की बात कही गयी।
साथ ही यह भी बताया गया की बाहर मेडिकल से दवा ले लीजिये।अस्पताल से दवाई नही मिली तो उन्हें बच्चे को बाहर मेडिकल स्टोर से दवाई खरीदनी पड़ी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर दवाई ना होने की बात सुनने में अटपटी ज़रूर लगेगी, लेकिन ऐसा इसलिए क्योंकि यहां की शिकायत चाहे जिससे कितनी भी की जाय कोई कार्यवाही होती ही नही ।सीएमओ रश्मि वर्मा से बात की गयी तो उन्होंने अधीक्षक से बात करके जानकारी करने की बात कही है।