आशीष तिवारी
नवाबगंज (गोंडा) युगनव टाइम्स लाइव / थाना क्षेत्र के लौव्वावीरपुर निवासी दलित महिला रानी देवी पत्नी भभूती ने क्षेत्राधिकारी तरबगंज और उनके पीआरओ सहित अन्य पुलिस कर्मियों पर गंभीर आरोप लगाये हैं। और मुख्यमंत्री, पुलिस महानिदेशक सहित सूबे के आला हुक्मरानों को प्रार्थनापत्र देकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
दलित महिला रानी देवी ने बताया कि 04 दिसंबर को उसकी देवरानी पूजा पत्नी दिलीप से गांव के प्रधान पति और उनके गुर्गों ने छेड़खानी की विरोध करने पर असलहे के बल पर घर में घुस कर परिजनों सहित पीडिता को मारा-पीटा साथ ही घर में रखा सामान भी तोड़ दिया था। स्थानीय पुलिस पहले तो लीपापोती में जुटी रही लेकिन जनपद के उच्चाधिकारियों के आदेश पर घटना के एक हफ्ते बाद प्रधान पति जितेंद्र तिवारी सहित कुल 05 लोगों पर आर्म्स एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था लेकिन महिला का आरोप है कि उस समय अतिरिक्त प्रभारी निरीक्षक अरविंद यादव ने दबाव बनाकर तहरीर बदलवा दी और छेड़खानी की धारा का समावेश मुकदमे में नहीं किया गया जिसके बाद 14 दिसंबर को रानी ने राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग का दरवाजा खटखटाया जिस पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के द्वारा पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर को उक्त प्रकरण की विवेचना अपर पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण में कराने और धारा 161 और 164 का बयान दर्ज कराते हुए सुसंगत धाराओं के समावेश कराने के साथ समुचित सुरक्षा व्यवस्था पीड़िता को दिलाने हेतु पत्र भी लिखा था। पीडिता ने आरोप लगाया है उसके मुकदमे की विवेचना कर रहे क्षेत्राधिकारी तरबगंज संसार सिंह राठी के द्वारा कई बार सुलह करने का दबाव डाला गया है साथ ही उनके पीआरओ दिग्विजय सिंह कई बार मुख्य आरोपी जितेन्द्र के साथ उसकी गाड़ी में घूमते दिखाई दिए हैं। पीड़ित दलित महिला ने उक्त प्रकरण में विवेचक की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। पीडिता ने पुलिस महानिदेशक, मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन मंडल, प्रमुख सचिव सहित सूबे के कई आला हुक्मरानों को प्रार्थनापत्र देकर निष्पक्ष जांच कराने और सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। घटना के बाद से ही विपक्षीगण पीड़िता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे