साइबर ठगी की जागरूकता भी काम ना आई लोग हो रहे हैं साइबर ठगी के शिकार
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प्रशासन द्वारा लगातार चलाए जा रहे साइबर ठगी के प्रति जागरूकता अभियान के बावजूद भी लोग हो रहे ठगी के शिकार,
नवाबगंज (गोंडा) युगनव टाइम्स लाइव/ पुलिस अधीक्षक आकाश तोमर ने साइबर क्राइम और ठगी के कई मामलों में पीड़ितों को न्याय तो दिलाया ही है साथ ही उनका पैसा भी वापस दिलाया है। जनपद के लोगों को उन भरोसा भी है। समय-समय पर वह साइबर क्राइम और ठगी से बचने के लिए लोगों को जागरूक करते रहते हैं साथ ही सभी थानाध्यक्षों और प्रभारी निरीक्षकों को भी विशेष निर्देश दिए हैं। जिसका परिणाम नवाबगंज थाना क्षेत्र में देखने को मिला है, साइबर क्राइम के मामले में पुलिस ने सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
कस्बे के चाइटोला मोहल्ले की रहने वाली प्रिया रानी पत्नी राजू गुप्ता ने पुलिस को दिए गए तहरीर में बताया कि बीते 23 दिसंबर को करीब 3.49 बजे साइबर ठगी कर 80000 आगरा के दीपक नामक व्यक्ति द्वारा मेरे बैंक अकाउंट से एक्सिक्स बैंक के खाते में ट्रांसफर कर लिया गया है।
पीड़िता का ने आरोप लगाया है कि उसके मोबाइल पर एक फोन करने वाले ने स्वयं को बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि आपको अपने खाते को बंद होने से बचाने के लिए इस लिंक पर क्लिक करके और ओटीपी शेयर करना होगा जिसके बाद पीड़िता के मोबाइल पर एक लिंक आया जिसपर पीड़िता ने बैंक अधिकारी के बताए गए निर्देश के अनुसार ही कार्य किया।
मोबाइल पर आये ओटीपी को उस कथित बैंक अधिकारी को बताया।
पीड़िता का कहना है कि ओटीपी बताने के बाद उसके मोबाइल पर मैसेज आया कि आपके खाते से 80000 निकाल लिए गए हैं। इसके बाद पीड़िता ने जब अपने बैंक से संपर्क किया तो बैंक ने बताया कि आपके खाते से यूपीआई से पैसे ट्रांसफर हो गए जो आगरा में किसी दीपक के खाते में गए हैं ।
इस प्रकार से प्रिया रानी के खाते से भारी भरकम रकम यूपीआई के जरिए ट्रांसफर हो गए। जिसे वापस कराने में बैंक कर्मचारियों ने भी हाथ खड़े कर दिए।
इस मामले में नवाबगंज पुलिस ने आईटी एक्ट व धोखाधड़ी के तहत मुकदमा तो दर्ज कर लिया है लेकिन बीते 31 जनवरी को थाना क्षेत्र के लौव्वावीरपुर गाँव के रहने वाले अभिषेक पुत्र भभूती ने थाने पर दी गई तहरीर में बताया कि 31 तारीख दोपहर में करीब 1:37 मिनट को उसके पास मोबाइल नंबर 9161129974 से उसके नंबर पर फोन आया। फोन पर दूसरी तरफ से कहा गया कि मैं नवाबगंज थाने से बोल रहा हूं मेरे मोबाइल पर फोन पे से पैसा डाल दो जिस पर पीड़ित ने कहा कि वह पैसा ट्रांसफर नहीं करता। जिसके बाद फोन पर दूसरी तरफ से बोल रहे व्यक्ति ने अपशब्दों का प्रयोग और पुलिसिया रौब दिखाते हुए कहा कि वह थाने पर मीटिंग में है 04 बजे तक आकर पैसा देगा तुम जाकर थाने चौराहे पर ही बैंकिंग का काम कर रहे श्रीपति तिवारी से बात कराओ । पीड़ित ने जाकर बात बात करा दी जिस पर श्रीपति ने दो बार में 14570 रूपरे व्यक्ति के बताये गये नंबर पर ट्रांसफार्मर कर दिये। जब शाम तक वह व्यक्ति नहीं आया तो श्रीपति और अभिषेक में झगड़ा होने लगा जिस पर दोनो पक्षों ने नवाबगंज थाने में तहरीर दी साथ ही अभिषेक ने 1930 पर शिकायत भी दर्ज कराई।
स्थानीय लोगों के हस्ताक्षेप के बाद दोनों में इस बात पर सुलह हो गया कि आधा पैसा अभिषेक देगा ।पीड़ित ने आधा पैसा लगभग 7000 रूपये तो दे दिए लेकिन पुलिस द्वारा इस मामले में कोई रूचि नहीं ली गई। अभिषेक की शिकायत के कारण सूरज तिवारी नाम के व्यक्ति के खाते में 8700 रूपये साइबर क्राइम सेल द्वारा होल्ड कर दिए गए लेकिन आज भी अभिषेक उस पैसे के लिए बैंक के चक्कर काट रहा है। वहीं दूसरी तरफ नवाबगंज शहर की ही रहने वाली एक महिला ने स्थानीय थाने पर प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उसके खाते से ठगों ने ₹80000 उड़ा दिए हैं ऐसे में सोचने वाली बात है कि इतना प्रशासन द्वारा जागरूक करने के बाद भी लोग जागरूक नहीं हो रहे हैं सरकार को साइबर ठगों पर कठोरात्मक कार्यवाही करनी चाहिए ।
