पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र के लिए तरस रहे है कसौधन समाज
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हर चुनाव पूर्व कसौधन पिछड़ी जाति प्रमाणपत्र का उभरता जिन्न
गोंडा जनपद में कुछ वर्षो पूर्व जारी हुआ है कसौधन का पिछड़ी जाति प्रमाण पत्र
मनकापुर – गोण्डा युगनव टाइम्स लाइव
जनपद में प्रशासन के आदेश के बावजूद कसौधन समाज को पिछड़ी -जाति का प्रमाण पत्र निर्गत नहीं किया जा रहा है । जिसको लेकर कसौधन समाज अपने को ठगा महसूस कर रहा है।
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती द्वारा दो दशक पूर्व कसौधान जाति को पिछड़ी जाति में शामिल किया गया था ।
किंतु दो दशक बीत जाने के बावजूद जनपद गोंडा के कसौधन बिरादरी को पिछड़ी – जाति का प्रमाण पत्र पाने के लिए तरसना पड़ रहा है। जिससे कसौधन समाज के बच्चे शासन से मिलने वाली मूल- भूत सुविधाओं से वंचित हैं। जबकि पूरे प्रदेश में कसौधान बिरादरी को पिछड़ी – जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया जा रहा है।
बताया जाता है कि गोंडा जनपद की बेटियां जब दूसरे जनपदों में ब्याह कर जाती हैं । तो उन्हें पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निर्गत किया जाता है। और जब दूसरे जनपदों से ब्याह कर बेटियां गोंडा जनपद में आती हैं। तो उन्हें सामान्य जाति का माना जाता है। विडंबना तो यह है कि पूर्व में गोंडा जनपद में भी कसौधन समाज अध्यक्ष द्वारा लिख कर दिए जाने पर कई लोगों का कसौधन जाति पिछड़ी का प्रमाण पत्र जारी हुआ परंतु अब वह भी पुनः बनवाने के लिए आवेदन कर रहे हैं तो निरस्त हो जाता है ।
जबकि उत्तर प्रदेश में एक कसौधन जाति को बगल के जनपदों में पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निर्गत हो रहा है। जबकि पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा कई बार तहसीलों के कसौधन समाज को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र देने का निर्देश दिया गया है।
किंतु प्रशासन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निर्देशों को दरकिनार कर आज भी कसौधन समाज को पिछड़ी जाति का प्रमाण पत्र निर्गत नहीं हो रहा है।
कसौधन समाज की छात्रा शिवा प्रियदर्शनी, दिव्या दिव्यदर्शनी ने प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ से गुहार लगाते हुए कहा है कि गोंडा जनपद में कसौधन समाज को पिछड़ी जाति के क्षितिज पर लगे काले बादलों को हटाकर कसौधन समाज के बच्चों एवं कसौधन समाज को न्याय दिलाने की मांग की है ।
जिससे कसौधन समाज व उनके परिजनों को शासन द्वारा प्रदत्त शासकीय योजनाओं का लाभ मिल सके।
